नई दिल्ली। भारत–पाकिस्तान तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर को लेकर दिए बयान पर भारत ने कड़ा कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि कश्मीर पर किसी की भी मध्यस्थता भारत को मंजूर नहीं है। जम्मू–कश्मीर सिर्फ भारत–पाकिस्तान के बीच का मामला है। जायसवाल ने कहा कि अब मुद्दा सिर्फ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) को खाली करने का है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि 10 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी। पाकिस्तान की ओर से इस बातचीत के लिए अनुरोध उसी दिन किया गया था। भारत ने साफ किया कि ये पाकिस्तान की मजबूरी थी, क्योंकि उसी दिन सुबह भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरफोर्स के ठिकानों पर अत्यधिक हमले किए थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये भारतीय सेना की ताकत थी, जिसने पाकिस्तान को गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए मजबूर कर दिया।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जायसवाल ने कहा कि अन्य देशों के साथ बातचीत में भारत ने एक ही संदेश दिया कि वो 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में केवल आतंकवादी ढांचे को निशाना बना रहा है। अगर पाकिस्तानी सेना गोली चलाएगी तो भारत भी मुंहतोड़ जवाब देगा। पाकिस्तान अगर हमला नहीं करेगा तो भारत भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर शुरू होते समय भी पाकिस्तान को जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे अनदेखा किया। जायसवाल ने कहा कि भारत का रुख स्पष्ट और अडिग है। जम्मू कश्मीर से जुड़ा कोई भी मामला सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच का ही मामला है। भारत की इस नीति में कोई तब्दीली नहीं हुई है।



