तुर्किये और अजरबैजान के खिलाफ भारत में बढ़ा विरोध: पर्यटन और व्यापारिक संबंधों पर असर

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तुर्किये और अजरबैजान के खिलाफ भारत में बढ़ा विरोध: पर्यटन और व्यापारिक संबंधों पर असर

भारत में तुर्किये और अजरबैजान को लेकर जनता और व्यापारिक संगठनों के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। 7 मई के बाद से #BoycottTurkey और #BoycottAzerbaijan जैसे हैशटैग लगातार सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। इसकी वजह इन देशों द्वारा पाकिस्तान को खुला समर्थन देना और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होना है।

Indian Travel Platforms Suspend Services to Turkey, Azerbaijan Amid  Diplomatic Fallout Over Pahalgam Attack - Pragativadi I Latest Odisha News  in English I Breaking News

भारतीय टूरिज़्म इंडस्ट्री का बड़ा कदम

पर्यटन क्षेत्र की कई बड़ी भारतीय कंपनियों ने तुर्किये और अजरबैजान के लिए बुकिंग्स रद्द करनी शुरू कर दी हैं। कुछ प्रमुख फैसले:

  • EaseMyTrip ने एक एडवायजरी जारी कर पर्यटकों से कहा कि वे सिर्फ आवश्यक होने पर ही तुर्किये और अजरबैजान जाएं।
    • संस्थापक निशांत पिट्टिये ने कहा, “भारत-पाक तनाव और पहलगाम हमले के मद्देनजर ये अपील की जा रही है।”
  • Ixigo ने तुर्किये, अजरबैजान और चीन के लिए सभी फ्लाइट्स और होटल बुकिंग रद्द की हैं।
    • कंपनी ने कहा कि वे भारतीयों की भावनाओं का सम्मान करते हैं और “खून और बुकिंग्स साथ नहीं बह सकते।”
  • Cox & Kings ने इन देशों के लिए नए पर्यटन प्रस्तावों को बंद करने की घोषणा की।
  • Go Homestays ने तुर्किश एयरलाइंस के साथ साझेदारी खत्म कर दी है। अब यह एयरलाइन उनके इंटरनेशनल पैकेज में शामिल नहीं होगी।
  • WondrOn और Travomint ने भी तुर्किये व अजरबैजान के लिए बुकिंग्स पर रोक लगा दी है।

भारतीय पर्यटकों से अरबों की कमाई पर खतरा

  • तुर्किये में 2024 में 3.3 लाख भारतीय पर्यटक पहुंचे, जबकि 2014 में यह संख्या सिर्फ 1.19 लाख थी।
    • 2024 में भारतीय पर्यटकों ने तुर्किये में लगभग ₹2,490 करोड़ रुपये (29.16 करोड़ डॉलर) खर्च किए।
    • यदि भारतीय पर्यटक जाना बंद कर देते हैं तो तुर्किये को हजारों करोड़ का नुकसान होगा।
  • अजरबैजान में 2024 में 2.43 लाख भारतीय पर्यटक पहुंचे, जो 2014 के मुकाबले भारी बढ़ोतरी है।
    • यहां भी भारतीयों ने करीब ₹2,636 करोड़ रुपये (30.86 करोड़ डॉलर) खर्च किए।
    • भारत, रूस, तुर्किये और ईरान के बाद अजरबैजान का चौथा सबसे बड़ा पर्यटक स्रोत है।

व्यापारिक स्तर पर भी बहिष्कार

  • गाजियाबाद की साहिबाबाद फल मंडी के व्यापारियों ने तुर्किये से आने वाले सेब और अन्य उत्पादों के बहिष्कार की घोषणा की।
  • हिमाचल प्रदेश के व्यापारियों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि तुर्किये से हर प्रकार के आयात पर प्रतिबंध लगाया जाए।
  • पुणे के व्यापारियों ने भी तुर्किये से आयातित सेब बेचने से इनकार कर दिया है।

निष्कर्ष

तुर्किये और अजरबैजान के खिलाफ भारत में लोगों की नाराजगी सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रही। अब इसका असर पर्यटन उद्योग और व्यापार में भी देखने को मिल रहा है। अगर यह बहिष्कार लंबे समय तक चलता है तो इन दोनों देशों को अर्थव्यवस्था के पर्यटन और व्यापारिक क्षेत्रों में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Abhilash Shukla (Editor)
Abhilash Shukla (Editor)http://www.hbtvnews.com
Abhilash Shukla is an experienced editor with over 28 years in journalism. He is known for delivering balanced, impactful, and credible news coverage.

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