भारत की कूटनीतिक बढ़त से घबराया पाकिस्तान, अब कर रहा नकल और बातचीत की गुहार
आतंकवाद का पनाहगार पाकिस्तान हर मोर्चे पर भारत से मात खा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर एयरबेस की रणनीतिक यात्रा और सरकार द्वारा सांसदों की सात प्रतिनिधिमंडलीय टीमों को वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का असली चेहरा उजागर करने के लिए भेजे जाने के बाद पाकिस्तान में हलचल तेज हो गई है।
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शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो की सक्रियता बढ़ी
भारत की रणनीति की नकल करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले सियालकोट की पसरूर छावनी पहुंचे और अब उन्होंने पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो को वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का पक्ष रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।

बिलावल भुट्टो ने खुद इस बात की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर की। उन्होंने लिखा, आज सुबह प्रधानमंत्री ने मुझसे संपर्क किया और अनुरोध किया कि मैं अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति के लिए पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करूं। मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करता हूं और चुनौतीपूर्ण समय में पाकिस्तान की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूं।”
बातचीत की मांग पर लौटा पाकिस्तान
इस बीच पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने एक बार फिर भारत से बातचीत की अपील की है। उन्होंने शनिवार को एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कायम है और तनाव कम करने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने कहा,हम योजनाओं पर अमल कर रहे हैं, और अगला कदम बातचीत ही है।”
विश्लेषण
भारत की आक्रामक कूटनीतिक पहल और वैश्विक समर्थन जुटाने की रणनीति से पाकिस्तान साफ़ तौर पर दबाव में है। न सिर्फ वह भारत की रणनीतियों की नकल करने की कोशिश कर रहा है, बल्कि एक बार फिर बातचीत की ओर लौटने की बात कर रहा है — जो यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति मज़बूत होती जा रही है, जबकि पाकिस्तान अलग-थलग पड़ता जा रहा है।


