असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने फिर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर लगाए गंभीर आरोप, ISI से संबंध का दावा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में उपनेता गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि गोगोई पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निमंत्रण पर पाकिस्तान गए थे और वहां एक पाकिस्तानी संस्था के साथ मिलकर काम किया।

सीएम सरमा ने कहा, “गौरव गोगोई आईएसआई के बुलावे पर पाकिस्तान गए थे। यह पहली बार है जब मैं यह बात सार्वजनिक रूप से कह रहा हूं। हमारे पास इसके सबूत हैं। वह पर्यटन के उद्देश्य से नहीं, बल्कि निश्चित रूप से प्रशिक्षण लेने के लिए वहां गए थे।”
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान का गृह विभाग केवल प्रशिक्षण के उद्देश्य से निमंत्रण भेजता है, जबकि विदेश मंत्रालय या विश्वविद्यालयों के निमंत्रण अलग होते हैं। उन्होंने कहा, “गौरव गोगोई को पाकिस्तान के गृह विभाग से सीधे निमंत्रण मिला था, न कि किसी सांस्कृतिक या शैक्षणिक संस्थान से। यह खतरनाक है।”
सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के पास इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं और 10 सितंबर तक सभी सबूत सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमें कागजी प्रक्रिया पूरी करनी है, दूतावास से दस्तावेज मिलने हैं। कृपया तब तक इस बारे में दोबारा न पूछें।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का पलटवार
सीएम सरमा के इन आरोपों का जवाब देते हुए गौरव गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी “बेतुकी” है और उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाती है।
पहले भी लगाए गए थे आरोप
इससे पहले भी मुख्यमंत्री सरमा ने गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न पर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि कोलबर्न के पाकिस्तानी सेना के साथ घनिष्ठ संबंध थे। उनके अनुसार, कोलबर्न ने 19 बार पाकिस्तान की यात्रा की और वहाँ पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के संपर्क में रहीं। उन्होंने यह भी कहा था कि कोलबर्न ने पाकिस्तान में काम करने के बाद दिल्ली में एक एनजीओ में काम शुरू किया, लेकिन उन्हें वेतन अब भी पाकिस्तान से ही मिलता रहा।
इस पूरे मामले ने असम की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है और आने वाले दिनों में इस पर और बवाल मच सकता है।


