नई दिल्ली। आज संसद में लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसमें कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने ओम बिरला पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बार–बार यह गुहार लगनी पड़ती है कि उनको बोलने दिया जाए। माइक बंद कर दिया जाता है। लोकसभा अध्यक्ष की ओर से कहा जाता है कि आप विषय पर केंद्रित रहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के इस आचरण से लोकतांत्रिक भावना और सदन में उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
गोगोई ने यह आरोप भी लगाया कि वर्तमान समय में लोकसभा में माइक को भी एक अस्त्र की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राहुल गांधी को वर्तमान बजट सत्र के पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान बोलने से 20 से अधिक बार रोका गया। उन्होंने आगे कहा कि देश को पता होना चाहिए कि किस तरह से संविधान और सदन की मर्यादा का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकल्प को लाने में विपक्ष को कोई खुशी नहीं है। बिरला जी का व्यक्तिगत रूप से सभी के साथ रिश्ता अच्छा है। हमें यह संकल्प लाना पड़ रहा है। इस सदन की मर्यादा को बचाने और सदन में जनता का विश्वास कायम रखने के लिए धर्म का पालन करते हुए हम यह अविश्वास प्रस्ताव ला रहे हैं। गोगोई ने कहा कि विपक्ष बिरला पर व्यक्तिगत रूप से हमला नहीं कर रहा है। उनका कहना था कि इस मंदिर (संसद) का दरवाजा सबके लिए खुला हुआ है और इसके संचालन में अध्यक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे।
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