आखिर कौन है 265 मौतों का जिम्मेदार, हर बड़े हादसे में बोइंग विमान ही क्यों, क्या इस बार भी जांच-पड़ताल की सिर्फ कवायद ही होगी?

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

इंदौर। गुजरात के अमहदाबाद में गुरुवार को इंडियन एयरलाइन्स के प्लेन क्रैश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गलती किसकी है, यह तो जांच में पता चलेगा लेकिन यह भी तय है कि कुछ दिनों बाद सब ठंडा हो जाएगा और फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार होगा। आखिर 241 यात्रियों सहित 265 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन? टाटा ग्रुप एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा देकर छुट्टी पा लेगा, लेकिन असली कारणों पर कभी चर्चा होगी?

इस मामले की जांच शुरू हो गई है, लेकिन बोइंग विमानों पर एक बार फिर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि भारत के अधिकांश विमान हादसे बोइंग से ही हुए हैं। इसमें चरखी दादरी का सबसे बड़ा विमान हादसा भी शामिल है, जिसमें 349 लोगों की जान चली गई थी। बोइंग को लेकर एक व्हिसलब्लोअर ने कुछ साल पहले चेतावनी भी दी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स ने 2024 में बोइंग के एक इंजीनियर सैम सालेहपुर की एक रिपोर्ट छापी थी। सैम ने एफएए में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने 787 ड्रीमलाइनर और 777 विमान में बड़ी कमियों के बारे में बताया था। सैम का कहना था कि विमान बनाते समय कुछ शॉर्टकट अपनाए गए थे। इससे विमान की उम्र कम हो सकती है और बड़ा हादसा भी हो सकता है। सैम सालेहपुर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मैं बोइंग को बदनाम नहीं करना चाहता। मैं इसलिए यह सब कर रहा हूं ताकि कोई हादसा न हो।
कंपनी ने किया था दावा-सभी विमान सुरक्षित
सैम के मुताबिक विमान के फ्यूजलेज (विमान का ढांचा) में कुछ गैप (खामियों) को ठीक नहीं किया गया था। इससे उड़ान के दौरान विमान पर दबाव बढ़ सकता है और वह खतरे में पड़ सकता है। सैम की चिंता को अनदेखा नहीं किया जा सकता। 2021 में भी एफएए और बोइंग ने ड्रीमलाइनर की डिलीवरी रोक दी थी। लगभग दो साल तक उन्होंने इसी समस्या की जांच की थी। छोटे-छोटे गैप को ठीक नहीं किया गया। बोइंग ने कहा था कि उसने इस समस्या को ठीक कर लिया है। विमानों की डिलीवरी फिर से शुरू हो गई। कंपनी ने कहा था कि सभी विमान सुरक्षित हैं।
बार-बार धोखा देती रही है बोइंग
उल्लेखनीय है कि भारत में अब तक जितने बड़े हादसे हुए हैं, इसमें बोइंग विमान ही थे। इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट- 440 दिल्ली के पालम हवाई अड्डे के पास 31 मई 1973 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। बोइंग 737-200 विमान खराब मौसम की वजह से रनवे से कुछ ही दूर हाईटेंशन तारों से टकरा गया। विमान में सवार 65 लोगों में से 48 की मौत हो गई थी। इसी तरह एक जनवरी, 1978 को दुबई जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या 855 (बोइंग 747) का विमान मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद अरब सागर में गिर गया। जिससे उसमें सवार सभी 213 यात्रियों की मौत हो गई। 19 अक्टूबर 1988 को खराब विजिबिलिटी के कारण इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 113 (बोइंग 737-200) अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास क्रैश कर गई थी। इसमें सवार 135 यात्रियों में से 133 की मौत हो गई। इसी तरह 14 फरवरी 1990 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या- 605 बेंगलुरु के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार 146 लोगों में से 92 की मौत हो गई
अब तक का सबसे बड़ा हादसा भी बोइंग से
आज से 28 साल पहले हरियाणा के चरखी दादरी में एक बड़ा विमान हादसा हुआ था। इस हादसे में सऊदी अरेबिया एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या-763 (बोइंग-747) और कजाकिस्तान एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या-1907 के दो विमान आपस में टकरा गए थे। इस दुर्घटना में 349 लोगों की जान चली गई थी। एक विमान टिकाण कलां गांव के खेतों में जा गिरा था। लोग आज भी इस दर्दनाक हादसे को याद करते हैं। 17 जुलाई 2000 को एलायंस एयर की फ्लाइट संख्या- 7412 बिहार की राजधानी पटना में क्रैश कर गई थी। विमान घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में उतरा। उतरते समय गलत दिशा-निर्देशों के कारण बोइंग 737-200 विमान कम ऊंचाई पर एक मकान से टकरा गया। इस हादसे में 60 लोगों की जान चली गई थे। 22 मई 2010 को एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 812 (बोइंग) का हादसा हुआ था। यह विमान दुबई से आ रहा था। विमान कर्नाटक के मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर रहा था। उतरते समय विमान रनवे से आगे निकल गया।
हर हादसे के बाद जांच, फिर चुप्पी
विडंबना यह है कि जब भी कोई बड़ा हादसा होता है तो जांच-पड़ताल का हल्ला मचता है। जांच होती भी है। कई एजेंसियां करती हैं। रिपोर्ट भी देती हैं और सुझाव भी, लेकिन इसके बाद फिर चुप्पी। फिर एक नए हादसे का इंतजार होता है और फिर जांच-पड़ताल की कवायद। आखिर ऐसा कब तक चलेगा?

👉 यह भी पढ़ें:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

मणिपुर में कुकी समुदाय के घरों में आगजनी और फायरिंग की घटनाएं

मणिपुर में कुकी समुदाय के घरों में आगजनी और गोलीबारी से 15 घर जल गए। कामजोंग जिले में हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत और कई घायल।

CJP प्रोटेस्ट में लगे ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारे, 300 लोगों पर FIR

गोवा में CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंदुत्व मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का आदेश दिया।

मध्यप्रदेश में गूगल मैप की गलती से 15 बेगुनाहों की मौत, ट्रक चालक और मालिक गिरफ्तार

मध्यप्रदेश में गूगल मैप की गलती से 15 बेगुनाहों की मौत हुई। ट्रक चालक और मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री ने मुआवजा घोषित किया।

ग्वालियर हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा

ग्वालियर हादसे पर पीएम मोदी ने शोक जताया और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की। मध्य प्रदेश सरकार ने भी आर्थिक सहायता का ऐलान किया।

इंदौर में पुलिस वैन से भागे धार के दो आरोपी, राजकुमार ब्रिज के पास कूदे

इंदौर में पुलिस वैन से भागे धार के दो आरोपी राजकुमार ब्रिज के पास कूदे। पुलिस ने एमजी रोड थाने में FIR दर्ज कर मामला दर्ज किया।

मध्यप्रदेश में 1 नवंबर से शस्त्र लाइसेंस होंगे पूरी तरह ऑनलाइन, ऑफलाइन बंद

मध्यप्रदेश में 1 नवंबर से शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो जाएगी। ऑफलाइन आवेदन बंद कर दिए जाएंगे। NDAL-ALIS पोर्टल से आवेदन जरूरी होगा।

इंदौर की सिंधी कॉलोनी में आज से शुरू होगा पारंपरिक सिंधी गरबा उत्सव

इंदौर की सिंधी कॉलोनी में आज से पारंपरिक सिंधी गरबा उत्सव शुरू हो रहा है। यह आयोजन नवरात्रि के दौरान शाम 7 बजे से सक्खर पैलेस में होगा।

इंदौर में प्रधान आरक्षक की आय से अधिक संपत्ति का मामला, 5-6 फ्लैट खरीदे

इंदौर में प्रधान आरक्षक की आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आया है। लोकायुक्त ने फिरोज खान के 15 ठिकानों पर छापेमारी कर 5-6 फ्लैट जब्त किए।

कोलकाता के चोरबगान पूजा पंडाल में भगदड़, 17 लोगों की मौत, 35 घायल

कोलकाता के चोरबगान पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना में 17 लोगों की मौत हुई। तेज बारिश के कारण भीड़ नियंत्रण खो गया। 35 से अधिक घायल अस्पताल में भर्ती।

चुनरी यात्रा के बहाने विधानसभा एक में ‘सुदर्शन चक्र’, होर्डिंग-बैनर से मंत्रीजी गायब!

इंदौर विधानसभा एक में चुनरी यात्रा के दौरान सुदर्शन गुप्ता की राजनीतिक ताकत नजर आई। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की होर्डिंग-बैनर से अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी।