समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों पर RSS नेता की टिप्पणी पर कांग्रेस का पलटवार, कहा- संविधान विरोधी है संघ और बीजेपी की सोच
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्दों को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
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कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह बाबा साहेब के संविधान को खत्म करने की वह साजिश है, जो आरएसएस और बीजेपी हमेशा से रचते आए हैं।” कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आरएसएस और बीजेपी की सोच शुरू से ही संविधान विरोधी रही है।
कांग्रेस ने यह भी याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी नेता खुलकर कह रहे थे कि उन्हें संविधान बदलने के लिए संसद में 400 से ज्यादा सीटें चाहिए। पार्टी ने कहा कि अब एक बार फिर बीजेपी और संघ संविधान के मूल स्वरूप को बदलने की साजिश में जुट गए हैं। लेकिन कांग्रेस किसी कीमत पर इन्हें सफल नहीं होने देगी।
गौरतलब है कि दत्तात्रेय होसबाले ने गुरुवार को दिए गए एक बयान में कहा था कि आपातकाल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द जोड़े गए थे, जो मूल संविधान का हिस्सा नहीं थे।
उन्होंने कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की प्रस्तावना में ये शब्द शामिल नहीं थे। जब आपातकाल में मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, संसद निष्क्रिय थी और न्यायपालिका कमजोर पड़ गई थी, तब ये शब्द जोड़े गए थे।”
होसबाले ने यह भी कहा कि अब यह विचार करने की आवश्यकता है कि क्या इन शब्दों को प्रस्तावना में रहना चाहिए या नहीं।
इस बयान ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में संविधान की व्याख्या और मूल भावना को लेकर बहस छेड़ दी है।



