देवास जहरीली शराब कांड में कांग्रेस नेता आनंद कासलीवाल इंदौर से गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में गहन जांच के बाद उन्हें गिkरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी जहरीली शराब मामले के सिलसिले में हुई है, जिसमें कई लोगों की मौत हुई थी।
आनंद कासलीवाल की गिरफ्तारी और जांच की स्थिति
मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल को देवास कोतवाली पुलिस ने 2 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी के पहले उनके पुत्र अमन कासलीवाल को 29 अक्टूबर 2026 को इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस जांच में पाया गया कि आनंद कासलीवाल की फर्म ने अवैध शराब बनाने वाले गिरोह को जहरीले केमिकल की सप्लाई की थी।
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गिरफ्तारी के बाद जब आनंद कासलीवाल को कोर्ट में पेश किया जा रहा था, तब उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।

केमिकलयुक्त शराब कांड का पर्दाफाश
पुलिस की जांच में सामने आया कि अजय राठौर नामक मुख्य आरोपी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से जहरीली शराब बनाता था। इस शराब में मेथनॉल, सॉल्वेंट और थिनर जैसे घातक केमिकल मिलाए जाते थे। इसके बाद यह शराब कबाड़ियों से ली गई ब्रांडेड खाली बोतलों में भरकर ग्रामीण इलाकों में बेची जाती थी।
इस गिरोह ने देवास के चंदाना और बिंजना क्षेत्रों में लगभग 10 से 13 लोगों की मौत का कारण बनी नकली शराब की बिक्री की। यह मामला पूरे प्रदेश में चिंता का विषय बन गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की संख्या और कार्रवाई
अब तक इस मामले में देवास और इंदौर की आबकारी दुकानों के सेल्समैन, प्रबंधक समेत 11 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें आनंद कासलीवाल और उनके पुत्र अमन कासलीवाल मुख्य आरोपी हैं।
पुलिस ने जांच में पकड़ी गई शराब की छह पेटियां भी जब्त की हैं। इस पूरे गिरोह की कार्यवाही अभी जारी है और आगे भी गिरफ्तारी हो सकती है।
प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदम
इस मामले में प्रशासन ने तुरंत पहल करते हुए देवास के जिला आबकारी अधिकारी समेत तीन आबकारी कर्मियों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का स्थानांतरण भी किया गया है।
प्रदेश सरकार ने इस गंभीर मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम का गठन किया है ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा सके।
कासलीवाल परिवार का बचाव
आनंद कासलीवाल के परिवार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी फर्म ने 1 अक्टूबर 2026 को वैध इनवॉइस और जीएसटी बिल के साथ 220 लीटर पेंट थिनर बेचा था। परिवार का दावा है कि खरीदार द्वारा इसे शराब बनाने में इस्तेमाल करना उनकी जिम्मेदारी नहीं है। बचाव पक्ष का यह भी कहना है कि वे जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और न्याय प्रक्रिया का सम्मान करते हैं।



