पश्चिम एशिया में जंग तेज: 3500 मरीन के साथ अमेरिका ने उतारा विशाल युद्धपोत, टकराव और गहराया
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य ताकत का बड़ा प्रदर्शन करते हुए यूएसएस त्रिपोली को युद्ध क्षेत्र में तैनात कर दिया है। करीब 3500 मरीन सैनिकों के साथ यह विशाल युद्धपोत अब अमेरिकी केंद्रीय कमान के क्षेत्र में सक्रिय हो चुका है।
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यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष लगातार भड़कता जा रहा है। अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से पलटवार कर रहा है। यह टकराव अब 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
यूएसएस त्रिपोली को आधुनिक हथियारों से लैस किया गया है। यह जहाज आकार में एक विमानवाहक पोत के बराबर है और इसमें हेलिकॉप्टर, ऑस्प्रे विमान और अत्याधुनिक लड़ाकू विमान तैनात किए जा सकते हैं। इस पर उभयचर तत्पर समूह और 31वीं मरीन इकाई भी मौजूद है, जिससे अमेरिका की युद्ध क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
इससे पहले ही क्षेत्र में यूएसएस निमित्ज और यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड जैसे बड़े युद्धपोत मौजूद हैं। वहीं यूएसएस जॉर्ज एच डब्ल्यू. बुश भी पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है। इसके तैनात होते ही क्षेत्र में अमेरिकी विमानवाहक पोतों की संख्या और बढ़ जाएगी।
इसी बीच अमेरिकी केंद्रीय कमान ने खुलासा किया है कि 28 फरवरी के बाद से अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। इसमें हजारों लड़ाकू उड़ानें भरी गईं और 150 से अधिक ईरानी जहाजों को नुकसान पहुंचाया गया या नष्ट कर दिया गया। अमेरिका ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर, मिसाइल ठिकानों, नौसैनिक जहाजों और हथियार निर्माण केंद्रों को निशाना बनाया है।
इस पूरी स्थिति से साफ है कि अब यह संघर्ष केवल क्षेत्रीय नहीं रहा, बल्कि बड़े युद्ध की आहट भी तेज होती जा रही है।


