नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी इन दिनों ब्रिक्स समिट में भाग लेने रूस के कजान शहर में हैं। बुधवार को वहां उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने फिर से शांति की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि एलएसी पर शांति और स्थिरता हमारी प्राथमिकता है। मुझे विश्वास है कि हम आगे भी खुले मन से चर्चा करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच करीब पांच साल बाद पहली औपचारिक बैठक हुई है। इससे पहले मोदी और जिनपिंग के बीच आखिरी बार 2019 में द्विपक्षीय मुलाकात हुई थी। 2020 में गलवान झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। मोदी और जिनपिंग के बीच आखिरी बार 2022 में इंडोनेशिया के बाली में जी20 समिट के दौरान मुलाकात हुई थी, लेकिन औपचारिक बातचीत नहीं हुई थी।
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बैठक की तस्वीरें शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि कजान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग हटकर आज राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत–चीन संबंध हमारे देशों के लोगों के लिए और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे। इधर, शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों पक्षों के लिए ज्यादा कम्युनिकेशन और सहयोग करना, हमारे मतभेदों और असहमतियों को उचित रूप से संभालना और एक–दूसरे की विकास आकांक्षाओं को पूरा करने में सुविधा प्रदान करना महत्वपूर्ण है। हम अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बहु–ध्रुवीकरण और लोकतंत्र को बढ़ावा देने में योगदान देना चाहते हैं।



