सिओल। दक्षिण कोरिया में मंगलवार से आपातकालीन सैन्य कानून (मार्शल लॉ) लागू कर दिया गया है। राष्ट्रपति राष्ट्रपति यून सुक योल ने इसकी घोषणा करते हुए विपक्ष पर देश विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कदम देश के संविधान और कानून को बचाने के लिए जरूरी है।
राष्ट्रपति यून सुक योल ने मई 2022 में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद से विपक्ष की ओर से नियंत्रित नेशनल असेंबली से उन्हें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। योल ने इस कदम को देश की संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए आवश्यक बताया। उल्लेखनीय है कि यह घोषणा डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ कोरिया के नेतृत्व वाले विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति यून पर सत्ता के कथित दुरुपयोग पर महाभियोग चलाने की मांग के एक महीने किया गया है। विपक्ष का कहना है कि मार्शल लॉ लगा कर राष्ट्रपति महाभियोग से बचना चाहते हैं। विपक्षी नेता ली जे–म्युंग ने इसके दुरुपयोग की ऐतिहासिक मिसालों की ओर इशारा करते हुए चेतावनी दी कि मार्शल लॉ पूर्ण तानाशाही को जन्म दे सकता है। हालांकि इस संबंध में यून के कार्यालय ने इन आरोपों को मनगढ़ंत बताया था।
👉 यह भी पढ़ें:
- एशिया में बढ़ा तनाव: उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण से जापान सतर्क, दक्षिण कोरिया और अमेरिका भी चौकन्ने
- मध्य पूर्व संकट के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति: ईरान, जर्मनी और दक्षिण कोरिया से विदेश मंत्री की अहम बातचीत
- ट्रंप का बड़ा व्यापारिक फैसला: दक्षिण कोरिया पर 25% टैरिफ, समझौते के उल्लंघन का आरोप
- दक्षिण कोरिया में विमान हादसा: 85 लोगों की मौत, दो को बचाया गया
- दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लागू, राष्ट्रपति यून सुक योल ने विपक्ष पर देश विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया
- उत्तर कोरिया ने समुद्र की तरफ दागी बैलिस्टिक मिसाइल;दक्षिण कोरिया



