Iran-Israel War News: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के समर्थन के कारण इजराइल क्षेत्र में आक्रामक कार्रवाई कर रहा है। साथ ही उन्होंने इस्लामी देशों से एकजुट होकर गाजा, लेबनान और फिलिस्तीन में जारी संघर्ष को रोकने की अपील की।
इजराइल पर लगाए गंभीर आरोप
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तेहरान में आयोजित एक सम्मलेन में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि पश्चिम एशिया में कई वैज्ञानिकों, बुद्धिजीवियों और प्रभावशाली हस्तियों को निशाना बनाया गया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इन घटनाओं को रोकने में नाकाम रही हैं।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा का दावा करने वाले वैश्विक संगठन ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हुए हैं।
अमेरिका पर साधा निशाना
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने आरोप लगाया कि अमेरिका के समर्थन से इजराइल की कार्रवाई को बढ़ावा मिल रहा है। उनका कहना था कि यदि इस्लामी देश आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हो जाएं, तो गाजा, लेबनान और फिलिस्तीन में जारी मानवीय संकट और हिंसा को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि इस्लामी देशों के भीतर संप्रदायिक और जातीय विभाजन बाहरी शक्तियों को क्षेत्र में हस्तक्षेप और तनाव बढ़ाने का अवसर देता है।
खामेनेई की विचारधारा का किया उल्लेख
राष्ट्रपति ने कहा कि दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के विचार आज भी दुनिया भर में लोगों को एकता, स्वतंत्रता, गरिमा और प्रतिरोध का संदेश देते हैं। उनके अनुसार, महान नेताओं की सोच उनके निधन के बाद भी समाज और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहती है।
ईरान का संदेश
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने दोहराया कि ईरान न्याय, इस्लामी एकता और क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि यदि इस्लामी देश संगठित रहें, तो कोई भी बाहरी शक्ति उनकी प्रगति और स्थिरता को कमजोर नहीं कर सकती।
आपकी राय क्या है?
क्या पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए इस्लामी देशों की एकजुटता प्रभावी साबित हो सकती है, या समाधान के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक पहल की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।



