Pakistan Occupied Kashmir: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन अब बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने पहली बार नियंत्रण रेखा (LoC) के इस पार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुंछ, राजौरी, मेंढर और जम्मू के लोगों से खुलकर समर्थन की अपील की है।
PoK के लोगों ने समर्थन की लगाई गुहार
कमेटी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना आंदोलन को दबाने के लिए आर्थिक नाकेबंदी, इंटरनेट बंदी और प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी जैसे कदम उठा रही है। उन्होंने लोगों से सड़कों पर उतरकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह संघर्ष पाकिस्तान सरकार के कथित दमन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई है।

पाकिस्तान के कश्मीर नैरेटिव पर उठे सवाल
इस अपील को कई विश्लेषक महत्वपूर्ण मान रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तान लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को कश्मीरियों का समर्थक बताता रहा है। वहीं अब PoK के कुछ आंदोलनकारी नेता पाकिस्तान के खिलाफ आवाज उठाते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों से एकजुटता की अपील कर रहे हैं।
हालांकि, इन दावों और अपीलों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, और क्षेत्र में सूचना तक पहुंच सीमित होने के कारण घटनाक्रम के कई पहलुओं का स्वतंत्र सत्यापन कठिन बना हुआ है।
रावलकोट में भी तेज हुए विरोध प्रदर्शन
रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट के ईदगाह मैदान में हुए प्रदर्शन के दौरान भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने PoK की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए भविष्य को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त की।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह आंदोलन आगे बढ़ता है, तो इसका असर क्षेत्रीय राजनीति और पाकिस्तान के सामने आंतरिक चुनौतियों के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, इस स्थिति का अंतिम राजनीतिक परिणाम अभी स्पष्ट नहीं है।
आपकी राय क्या है?
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