Iran News में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से पहले अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि इस दौरान ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य या आक्रामक कार्रवाई की गई, तो उसका कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा कि अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि यह पूरी दुनिया को यह संदेश देगा कि ईरानी जनता अपने सर्वोच्च नेता की मौत का “बदला लेने के संकल्प” पर अडिग है।
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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी तसनीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने अमेरिका और इजराइल को किसी भी प्रकार की “गलतफहमी या गलत आकलन” से बचने की चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि यदि ईरान की सीमा, संप्रभुता या राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की गई, तो ईरानी सशस्त्र बल ऐसा जवाब देंगे जिसे विरोधी लंबे समय तक याद रखेंगे।
तेहरान में लाखों लोगों के जुटने की तैयारी
4 से 8 जुलाई के बीच होने वाले अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में 1.5 से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसे देखते हुए राजधानी तेहरान में व्यापक सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं।
भारत की ओर से कौन होगा शामिल?
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान जाएंगे। इस यात्रा को भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ईरान की इस चेतावनी के बाद एक बार फिर Middle East Tensions, Iran-Israel Conflict और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें पश्चिम एशिया पर टिक गई हैं।
अब सवाल आपसे…
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