नई दिल्ली। भारत-चीन संबंधों पर विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने मंगलवार को संसद में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एलएसी पर हालात सामान्य है। फिलहाल शांति बहाली की कोशिश जारी है। उन्होंने बताया कि कोई भी पक्ष स्थिति से छेड़छाड़ नहीं करेगा और सहमति से ही समाधान निकाला जाएगा। सीमा पर हालात सामान्य होने के बाद ही चीन से बातचीत की गई है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और चीन के संबंध 2020 से असामान्य थे। जब चीन की कार्रवाइयों की वजह से सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बाधित हुई थी। पूर्वी लद्दाख में अप्रैल–मई 2020 में चीन के सैनिकों के जमा होने से टकराव की स्थिति बनी थी। गलवान वैली में जून 2020 में हुए विवाद के बाद चीन और भारत में काफी तनाव हो गया था। इसके बाद दोनों देशों की तरफ से सेना तैनात की गई थी। विदेश मंत्री ने कहा कि कूटनीति के जरिए दोनों देशों के संबंधों में कुछ सुधार किया है। उन्होंने कहा कि पहले की घटना के परिणामस्वरूप चीन ने अक्साई चिन में 38,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसके अलावा, पाकिस्तान ने 1963 में अवैध रूप से 5,180 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया था।
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