वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। हाल ही में हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के बावजूद ईरान ने साफ कर दिया है कि उसे अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सीजफायर को समाप्त बताते हुए बड़ा बयान दिया है, जिससे पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि यदि अमेरिका पिछले महीने हुए समझौते से पीछे हटता है या किसी तरह का धोखा देता है, तो ईरान “पूर्ण स्तर की रक्षा” के लिए पूरी तरह तैयार है।
👉 यह भी पढ़ें:
- Donald Trump की ईरान को सीधी धमकी! ‘मेरी हत्या की कोशिश हुई तो 1000 मिसाइलें तैयार’, Middle East में बढ़ा युद्ध का खतरा?
- PM Modi का बड़ा ऐलान! भारत-न्यूजीलैंड बने Strategic Partners, FTA, Direct Flights और ₹35,000 करोड़ व्यापार लक्ष्य पर ऐतिहासिक समझौता
- Donald Trump Assassination Plot? Israel का बड़ा दावा, Iran पर हत्या की साजिश का आरोप… क्या Middle East Crisis और भड़केगा?
- Prabhas की ‘Fauji’ Shoot पर बड़ा हादसा! कीड़े के काटने से ICU में अभिनेता Rajesh Sharma, Akshay Kumar ने जताई चिंता
- US-Iran Tensions: ‘आज चुप रहे तो कल यूरोप भी निशाने पर होगा’—ईरान की जर्मनी से बड़ी चेतावनी, अमेरिका पर गंभीर आरोप
- Russia-Ukraine War: क्राइमिया में यूक्रेन का बड़ा हमला! 25 जहाजों में लगी आग, पुतिन की सप्लाई लाइन पर सबसे बड़ा संकट?
इंडोनेशिया की पीपुल्स कंसल्टेटिव असेंबली के स्पीकर अहमद मुजानी से मुलाकात के बाद गालिबाफ ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम पोस्ट में दावा किया कि हालिया शांति वार्ता के दौरान उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance से साफ कहा था कि ईरान को अमेरिका पर “जरा भी भरोसा नहीं” है।
गालिबाफ ने कहा, “अमेरिका से वही देश बातचीत कर सकता है जो युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हो। हमने अपनी रक्षा तैयारियां कभी नहीं रोकी हैं। जिस क्षण अमेरिका किसी भी समझौते से पीछे हटेगा, हम पूरी ताकत से जवाब देंगे और ईरानी जनता के अधिकारों की रक्षा करेंगे।”

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दावा किया कि ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसने ईरान को स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के बीच लागू सीजफायर अब समाप्त हो चुका है।
इस बीच, क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। कतर के वार्ताकार तेहरान पहुंच चुके हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच संवाद बहाल करना और बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में मध्यस्थता करना है। बताया जा रहा है कि यह पहल वॉशिंगटन के साथ समन्वय में की गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू होगी, या दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव किसी नए टकराव की ओर बढ़ रहा है?
आपकी क्या राय है? क्या बातचीत से यह विवाद सुलझ सकता है, या अमेरिका और ईरान के बीच हालात और गंभीर होने वाले हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



