वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बेहद कड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि यदि ईरानी सरकार उनकी हत्या या हत्या की किसी भी साजिश में शामिल पाई गई, तो अमेरिका तत्काल और निर्णायक सैन्य कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि यदि दुनिया के किसी भी हिस्से से उनकी हत्या या हत्या की कोशिश की जाती है और उसमें ईरानी सरकार की भूमिका होती है, तो अमेरिका का जवाब बेहद कठोर होगा। उन्होंने दावा किया कि 1,000 मिसाइलें पहले से ही ईरान की ओर निशाना साधे तैयार हैं, और जरूरत पड़ने पर हजारों अतिरिक्त मिसाइलें भी तुरंत तैनात की जा सकती हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- Donald Trump Assassination Plot? Israel का बड़ा दावा, Iran पर हत्या की साजिश का आरोप… क्या Middle East Crisis और भड़केगा?
- भड़का नया संकट! ट्रंप के आदेश के बाद ईरान पर लगातार दूसरे दिन अमेरिकी हमले,
- PM Modi ने Donald Trump और America को दी 250वें Independence Day की बधाई, भारत-अमेरिका साझेदारी पर कही बड़ी बात
- Donald Trump on Iran: ‘हमने ईरान को अंतिम संस्कार के लिए 1 हफ्ते का समय दिया’— ट्रंप के बयान से मचा वैश्विक राजनीतिक बवाल
- Donald Trump को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका, जन्म के आधार पर बरकरार रहेगी नागरिकता
- Iran-US Talks 2026: डोनाल्ड ट्रंप के दावे को ईरान ने किया खारिज, कहा- दोहा में अमेरिका से नहीं होगी कोई बातचीत

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना को पहले से आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं और यदि हालात बिगड़ते हैं, तो अमेरिका के पास लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने और ईरान के किसी भी हिस्से को निशाना बनाने की पूरी क्षमता मौजूद है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान संबंध पहले से ही कई विवादों और बढ़ते कूटनीतिक तनाव के कारण चर्चा में हैं। ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर Middle East Tension, US-Iran Conflict और संभावित सैन्य टकराव को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हालांकि, अभी तक इस बयान पर ईरान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ कड़ी राजनीतिक चेतावनी है या अमेरिका और ईरान के बीच तनाव किसी बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ रहा है?
आपकी क्या राय है? क्या ऐसे तीखे बयान क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, या इन्हें केवल रणनीतिक दबाव बनाने की कोशिश माना जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।



