भोपाल.. मोदी की गारंटी मतलब झूठ की गारंटी…जीतू पटवारी

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इंदौर। डेली कॉलेज गर्वनिंग बॉडी के चुनाव की घोषणा कर दी गई है। ओल्ड डेलियंस को आशंका है कि डीसी बोर्ड इस बार संविधान बदलकर चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। चूंकि 21 मई को मतदान है और इस बीच एक माह से कम का समय है, ऐसे में ओल्ड डेलियंस यह चिन्ता जाहिर कर रहा है। शनिवार को ओल्ड डेलियंस ने मीडिया को बताया कि पहले चुनाव की घोषणा और मतदान के बीच मात्र 90 दिन का गैप रहता था, लेकिन इस बार मात्र 30 दिन का गैप है। यह 30 दिन का प्रावधान नए संविधान संशोधन में किया जाने वाला था। इससे साफ जाहिर है कि इस बार के चुनाव संविधान संशोधन के आधार पर ही किए जा रहे हैं। 23 अप्रैल तक पुरान संविधान ही लागू ओल्ड डेलियंस का कहना है कि उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत फर्म एंड सोसायटी विभाग से डेली कॉलेज के संविधान की जानकारी निकाली है। 23 अप्रैल को विभाग से जो सर्टिफाइड कॉपी मिली है, उसमें पुराना संविधान ही लागू बताया गया है। इसके बावजूद जिस तरह की गतिविधियां चल रही हैं, उससे हमें ऐसा लगता है कि चुनाव में नया संविधान लागू कर दिया जाएगा। नया संविधान में ओल्ड डेलियंस कैटेगरी खत्म ओल्ड डेलियंस के प्रतिनिधमंडल ने बताया कि वर्तमान में लागू संविधान में सारी कैटेगरी में चुनाव होना है, लेकिन नए संविधान में ओल्ड डेलियंस की कैटेगरी ही खत्म कर दी जाएगी। चुनाव अधिकारी भी नहीं दे रहे जानकारी ओल्ड डेलियंस ने कहा कि चुनाव अधिकारी ने 24 अप्रैल से हमारी शिकायतें सुनना शुरू की है, लेकिन वे यह नहीं बता रहे कि चुनाव पुराने संविधान के आधार पर होंगे या नए संविधान के आधार पर। हमसे कहा जा रहा है कि समय आने पर सब बता देंगे। ईवोजीएम के लिए नहीं दिया सभाकक्ष ओल्ड डेलियंस का कहना है कि उन्होंने ईवोजीएम बुलाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें धीरुबाई अंबानी ऑडिटोरियम देने से मना कर दिया गया। नामांकन फॉर्म देने के लिए सिर्फ एक दिन का समय दिया गया है। ऐसे में कई लोग जो देश से बाहर हैं, वे कैसे चुनाव लड़ पाएंगे। 5500 ओल्ड डेलियंस के अधिकार छीने जा रहे प्रतिनिधिमंडल ने मीडिया से कहा कि नया संविधान लागू कर 5500 ओल्ड डेलियंस के अधिकार छीने जा रहे हैं। कई देशों में बड़े-बड़े पद बैठे ओल्ड डेलियंस चुनाव में भाग नहीं ले पाएंगे। एक पदाधिकारी जो स्विस बैंक में सीओ हैं, वे चुनाव लड़ना चाहते हैं लेकिन नामांकन फॉर्म जमा करने के लिए एक दिन का समय होने के कारण वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। ऐसे बहुत सारे लोग हैं। 21 मई को मतदान, उसी दिन परिणाम चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता ने चुनाव का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। कॉलेज बोर्ड के लिए मतदान 21 मई को होगा और इसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस पर 21 से 23 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद 28 और 29 अप्रैल को नामांकन फॉर्म जमा किए जाएंगे। 30 अप्रैल और 1 मई को उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे, जबकि 2 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 2020 में 90 दिन पहले चुनाव हुए थे घोषित वर्ष 2020 में चुनाव की घोषणा और मतदान के बीच 90 दिन का अंतर था। चुनाव की घोषणा 12 सितंबर 2020 को हुई थी और मतदान 13 दिसंबर 2020 को हुआ था। इसी दिन परिणामों  की भी घोषणा हुई थी।