उत्तराखंड में पवित्र चारधाम यात्रा का आज 20 अप्रैल को विधिवत शुभारंभ हो गया। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चारण, धार्मिक अनुष्ठानों और “हर-हर गंगे” व “जय मां यमुना” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इस शुभ अवसर पर पुष्कर सिंह धामी स्वयं गंगोत्री धाम में मौजूद रहे और कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। निर्धारित मुहूर्त के अनुसार मंदिर के कपाट खोले गए। हजारों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के गवाह बने और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया, जिससे माहौल और भी अलौकिक हो गया।
कपाट खुलने से एक दिन पहले मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से विशेष पूजा-अर्चना के बाद गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई थी। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यह यात्रा संपन्न हुई और विधिविधान से मंदिर के द्वार खोले गए। गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के बाद मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के नाम से पहली पूजा कर देश और दुनिया की सुख-समृद्धि व शांति की कामना की। वहीं यमुनोत्री धाम में भी मुख्यमंत्री के नाम से पहली पूजा संपन्न कराई गई।
मंदिर समिति के अनुसार, गंगा पूजन, गंगा सहस्रनाम पाठ और विशेष अनुष्ठानों के बाद वैदिक मंत्रों के बीच कपाट खोले गए। पहले ही दिन हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड में आस्था, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।


