इंदौर भाजपा में अब महामंत्री पद को लेकर खींचतान, अपने समर्थकों के लिए जुटे विधायक, कई दावेदारों ने वरिष्ठ नेताओं के भरोसे संभाला मैदान

Date:

इंदौर। भाजपा में अब नगर कार्यकारिणी की कवायद शुरू हो गई है। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के सामने यह एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि सारे विधायक अपने-अपने समर्थकों को महामंत्री बनवाने के लिए अड़े हुए हैं। हर बार यही होता है कि सारा जोर महामंत्री पद पर ही रहता है। जो महामंत्री नहीं बन पाता उसे उपाध्यक्ष पद देकर संतुष्ट करने की कोशिश होती है।

एक नंबर और दो नंबर से एक ही होगा

हर बार की तरह दो नंबर खेमा इस कोशिश में है कि इस बार भी महामंत्री के पद पर कब्जा जमाए रखा जाए। विधानसभा एक से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने खास समर्थक चांदू नेता के लिए अड़े हुए हैं, वहीं आकाश विजयवर्गीय टीनू जैन के लिए कोशिश कर रहे हैं। विधानसभा दो में रमेश मेंदोला रोहित चौधरी और सुधीर कोले का नाम दे चुके हैं। अगर एक या दो नंबर में से कोई महामंत्री बनेगा तो रमेश मेंदोला की ही चलेगी।

तीन नंबर और चार नंबर में मारामारी

हितानंद वर्मा, हितानंद शर्मा के भरोसे हैं। गौरव रणदिवे और गोलू शुक्ला के भरोसे मुकेश मंगल हैं। आलोक दुबे महापौर के भरोसे हैं, लेकिन महापौर ने कोई और ही नाम दिया है। सुमित्रा महाजन और गोपी नेमा ने कमल वर्मा का नाम दिया है। मालिनी गौड़ के भरोसे महेश कुकरेजा और वीरेंद्र सेडगे हैं। जवाहर मंगवानी के लिए जयपाल चावड़ा और हितानंदजी के भरोसे हैं। गंगा पांडेय भी रमेश मेंदोला के भरोसे हैं, वहीं भरत पारीक के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव कोशिश कर रहे हैं। शंकर लालवानी की कोशिश है कि विशाल गिडवानी को महामंत्री पद पर फिट कर दिया जाए। इधर गोपाल गोयल बोल रहे हैं कि संघ से मेरा नाम आया है। तुलसी सिलावट भी चार नंबर से योगेश गेंदर के लिए जुटे हैं।

पांच नंबर में भी कम नहीं घमासान

महेंद्र पहाड़िया के लिए गौरव रणदिवे और गोलू शुक्ला का नाम है। अजीत रघुवंशी के लिए गोलू शुक्ला कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पद मिलना मुश्किल है। हाल ही में वे लव जिहाद के आरोपी को छुड़वाने थाना खजराना पहुंच गए थे। अजय नरूका के लिए ताई कोशिश कर रही हैं, वहीं वीडी शर्मा के भरोसे दिलीप शर्मा हैं। नानूराम कुमावत का कहना है कि संघ उनक नाम देगा। मुकेश राजावात के लिए महेंद्र हार्डिया और गौरव रणदिवे कोशिश कर रहे हैं। मुकेश राजावत गौरव रणदिवे और बाबा का नाम है।

राऊ की कहानी भी उलझ रही

राऊ में में भी अन्य विधानसभाओं से कम मारामारी नहीं है। यहां मधु वर्मा, जीतू जिराती के साथ महापौर भी अपने लोगों को एडजस्ट करने की कोशिश में हैं। वीडी शर्मा के भरोसे मनश्वी पाटीदार हैं तो नीलेश चौधरी के लिए जीतू जिराती कोशिश कर रहे हैं। अतुल बावडीकर ताई का नाम है। महापौर की पहली प्राथमिकता भरत पारीक, फिर बबलू शर्मा हैं।

बनेंगे तीन ही महामंत्री

कार्यकारिणी में मात्र तीन महामंत्री बनाए जाने हैं। इनमें से एक एससी वर्ग, एक पिछड़ा वर्ग से तथा एक सामान्य वर्ग से होगा। अब तक विधायकों, पूर्व विधायकों सहित अन्य नेताओं ने 30 नाम तो दे ही दिए होंगे। ऐसे में एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितार्थ होती दिख रही है। इधर, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा अभी शांत बैठे हैं, लेकिन इतना तय है कि उनके लिए महामंत्री का चयन आसान नहीं होगा।

हर विधानसभा को मिलना चाहिए मौका

भाजपा में अब यह चर्चा आम है कि हर बार कुछ नेता अपने विधानसभा से महामंत्री बनाने में सफल हो जाते हैं। वे इस बार भी सक्रिय हैं, जबकि हर विधानसभा को मौका देना चाहिए। जिस विधानसभा में ज्यादा बार महामंत्री बन चुके हैं या जहां पिछली बार महामंत्री बने थे, वहां इस बार यह पद नहीं देना चाहिए। लेकिन, अभी तक की जो कवायद चल रही है, उसमें इस बार भी ऐसा होता नहीं दिख रहा।

मेंदोला ने महापौर और सांसद से कहा था-पूरा इंदौर आपका

सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों हुई बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव और सांसद शंकर लालवानी जब अपने नामों पर चर्चा करने लगे तो विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि पूरा इंदौर ही आपका है। महापौर के साथ भी परेशानी यह है कि वह आखिर किस विधानसभा में घुसपैठ की कोशिश करें। हर बार कोशिश होती भी है, लेकिन विधायकों के ही इतने नाम होते हैं कि वे कामयाब नहीं होते।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

अंडमान में मिला ‘ऊर्जा का खजाना’! भारत को मिली बड़ी प्राकृतिक गैस खोज, क्या खत्म होगी विदेशी तेल-गैस पर निर्भरता?

केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया है कि सरकारी कंपनी Oil India Limited ने अंडमान के अपतटीय  क्षेत्र में प्राकृतिक गैस का एक बड़ा भंडार खोज निकाला है।