प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए विवादित बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को निर्वाचन आयोग की ओर से जारी नोटिस पर कांग्रेस ने बयान दिया है।
कांग्रेस ने कहा है कि खड़गे को जवाब देने के लिए बेहद कम समय दिया गया, जो किसी भी तरह से पर्याप्त नहीं है। पार्टी के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष इस समय कई चुनाव अभियानों में व्यस्त हैं, ऐसे में इतना कम समय देना उचित नहीं है।
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इसके साथ ही कांग्रेस ने आयोग पर केवल औपचारिकता निभाने का आरोप लगाते हुए खड़गे के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा है। पार्टी का कहना है कि खड़गे के बयान के संदर्भ को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई का रास्ता बनाया जा सके।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ की गई कई शिकायतों पर निर्वाचन आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
दरअसल, आयोग ने खड़गे के उस बयान पर संज्ञान लिया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर प्रधानमंत्री को “आतंकवादी” कहा था और 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था।
हालांकि, खड़गे ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान प्रधानमंत्री के लिए नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे “टैक्स टेररिज़्म” की बात कर रहे थे, जिसमें एजेंसियों—जैसे प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और केंद्रीय जांच ब्यूरो—की कार्रवाई का ज़िक्र था।
खड़गे ने कहा कि इन छापों के जरिए लोगों को डराने और चुप कराने की कोशिश की जा रही है, और उनका बयान इसी संदर्भ में था, न कि प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने के लिए।


