महाराष्ट्र में इन दिनों माफी पॉलिटिक्स, आखिर शिवाजी की प्रतिमा टूटने पर पीएम ने क्यों मांगी माफी

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कुछ भी कहा, वह राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है। शायद ही कभी पीएम मोदी ने इस तरह से किसी मामले में माफी मांगी हो। शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिराने को लेकर जारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पालघर पहुंचे थे। पीएम मोदी ने शिवाजी की प्रतिमा गिराए जाने को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले सिंधुदुर्ग में जो हुआ, वो बेहद अफसोसजनक है। छत्रपति शिवाजी महाराज मेरे और मेरे दोस्तों के लिए सिर्फ एक नाम नहीं हैं। हमारे लिए, छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ एक महाराजा नहीं हैं, वे हमारे लिए पूजनीय हैं। आज, मैं छत्रपति शिवाजी महाराज के सामने नतमस्तक हूं और उनसे क्षमा मांगता हूं।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल चार दिसंबर को इस प्रतिमा का अनावरण पीएम मोदी ने किया था। मूर्ति के गिरने के बाद विपक्षी दल खासकर कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि जल्दबाजी में मूर्ति का निर्माण कराया गया ताकि चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री द्वारा इसका उद्घाटन किया जा सके। महाराष्ट्र में पहले जब उद्धव ठाकरे साथ थे तो भाजपा के लिए सबकुछ आसान था। अब भाजपा ने शिवसेना को दो गुटों में तोड़ दिया है। शिवाजी का मुद्दा ऐसा है कि अगर इसे भुनाने में विपक्ष सफल होता है तो भाजपा को आगामी विधानसभा में काफी नुकसान हो सकता है। यही वजह है कि पीएम मोदी ने माफी मांगकर विपक्ष के मुद्दे पर पानी डालने की कोशिश की है।

इस मुद्दे पर माफी का सिलसिला लगातार जारी है। भाजपा के सहयोगी और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी माफी मांग चुके हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी कह चुके हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो वह इस पराक्रमी शासक के 100 बार पैर छूने और घटना के लिए माफी मांगने में संकोच नहीं करेंगे। इसके बाद पीएम की माफी ने यह बता दिया है कि महाराष्ट्र में भाजपा किसी भी तरह इस मुद्दे को विपक्ष के हाथ से छीनने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस ने लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में भाजपा ने महापुरुषों को भी नहीं बख्शा। घटना के दिन कांग्रेस ने कहा था कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर 2023 को महाराष्ट्र के राजकोट में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। अब क़रीब आठ महीने बाद प्रतिमा ढह गई। शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी आरोप लगाया था।

एक सितंबर को प्रदर्शन करेगा विपक्ष

महाविकास अघाड़ी ने एक सितंबर को मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया के पास लगी शिवाजी की प्रतिमा के पास सरकार के विरोध में प्रदर्शन की घोषणा की है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस प्रदेश प्रमुख नाना पटोले की मौजूदगी में मातोश्री में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्धव ठाकरे ने कहा है कि महाविकास अघाड़ी सरकार के विरोध में प्रदर्शन करेगी और सितंबर एक को हूतात्मा चौक से लेकर गेटवे ऑफ इंडिया तक मार्च करेगी।

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