इंदौर। भाजपा के प्रखर वक्ता रहे स्व.उमेश शर्मा की गुरुवार को पुण्यतिथि थी। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा उन्हें अपना उस्ताद मानते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर सुमित मिश्रा ने गौ सेवा की। उमेश शर्मा के बेटे अन्वेष शर्मा को भी साथ ले गए। बेटे को नई ट्राइसिकल भी दिलवा दी, लेकिन सवाल यह है कि अन्वेष को नौकरी कब मिलेगी?
उल्लेखनीय है कि जब उमेश शर्मा का असामयिक निधन हुआ था तो भाजपा के कई नेताओं ने संवेदना व्यक्त की थी और परिवार को मदद का भरोसा दिलाया था। इसी दौरान तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उनके बेटे अन्वेष को नौकरी दिलाने का वादा भी किया था। मध्यप्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनी, लेकिन अब तक नौकरी को लेकर कुछ हुआ नहीं है।
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अब तो सक्षम हो मिश्राजी
हो सकता है सुमित मिश्रा ने इस संबंध में पहले कोशिश की हो, लेकिन अब तो वे एक सक्षम पद पर बैठे हैं। अगर अपने उस्ताद को सच्ची श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो अपनी सरकार से कहकर कोई नौकरी क्यों नहीं दिला देते? अब तो संगठन और सरकार में आपकी अच्छी पहुंच भी बन गई है और सीएम आपकी बात सुनते भी हैं।
धीरे-धीरे सब किनारा करते गए
उमेश शर्मा को जीते जी भी भाजपा में कोई बड़ा पद नहीं मिला, जबकि उनका इस्तेमाल हर सभा में विपक्ष पर वार करने के लिए किया जाता रहा। सारे नेता उनकी तारीफ करते रहे, लेकिन जब पद देने की बात आती उनका पत्ता कट जाता था। उमेश शर्मा किसी गुट विशेष से भी नहीं बंधे रहे, फिर भी कई गुट उनके खिलाफ लगे रहे। उनके निधन के बाद भाजपा नेताओं के आश्वासनों का सिलसिला तो खूब चला, लेकिन इसमें से कितने पूरे हुए यह उनका परिवार ही जानता है।



