राज्यसभा में ब्रायन पर भड़के सभापति धनखड़, कहा-आपको बाहर का रास्ता दिखाऊंगा और चेयर छोड़कर चले गए

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इंदौर। राज्यसभा में आज चर्चा के दौरान सभापति जगदीप धनखड़ ने टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन को जमकर फटकार लगा दी। चर्चा के बीच में विपक्ष विनेश फोगाट का मुद्दा उठाना चाह रही थी। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम फोगाट के मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं कि कैसे उनको अयोग्य घोषित किया गया। इस पर धनखड़ ने कहा कि आप नियमों का पालन करिए। हम सब इस लड़की के आहत हैं। इसी दौरान ब्रायन कुछ जोर-जोर से बोलने लगे। इस पर धनखड़ ने लगभग चीखते हुए कहा कि मिस्टर डेरेक ओ ब्रायन आप चेयर का अनादर कर रहे हैं। मैं अगली बार आपको बाहर का रास्ता दिखाऊंगा। विपक्ष के व्यवहार से आहत होकर सभापति चेयर छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि ये ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इसके बाद वो हाथ जोड़कर चेयर छोड़कर चले गए।

धनखड़ ने कहा कि मिस्टर ब्रायन आप चेयर पर चिल्ला रहे हैं। मैं इसकी निंदा करता हूं। अगली बार मैं आपको बाहर का रास्ता दिखाऊंगा। ये ठीक नहीं है। इसके बाद धनखड़ ने कहा कि हमने आपातकाल जैसा दौर देखा है। जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती दी गई। क्या विपक्ष ऐसा कर सकती है। क्या विनेश का हारने का केवल उनको ही दुख है। ये पूरे देश की तकलीफ है। उस लड़की के लिए तकलीफ है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मैं खुद इसे लेकर दुखी हूं।

इस मुद्दे का राजनीतिकरण होना चाहिए क्या?

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सभापति को चुनौती दी जा रही है। क्या इस मुद्दे का राजनीतिकरण करना चाहिए? मुझे इस बात की खुशी है कि हरियाणा सरकार ने विनेश को वैसा ही अवॉर्ड देने का फैसला किया है जैसा एक सिल्वर मेडल जीतने वाले को दिया जाता है। मैं आप सबसे हाथ जोड़कर प्रार्थन करता हूं कि इस सदन में मिलकर बात करें।

कोई चेयर पर चिल्ला कैसे सकता है?

टीएमसी सांसद ब्रायन के व्यवहार से आहत धनखड़ ने कहा कि आखिर कोई चेयर पर चिल्ला कैसे सकता है। अगर वो ऐसा करते हैं तो ये ठीक नहीं है। धनखड़ ने कहा कि कल विपक्ष के नेता ने एक नोट दिया कि वो एक जरूरी मुद्दा को उठाना चाहते हैं, लेकिन क्या इस मुद्दे पर केवल उनको ही दुख है। पूरा देश दुखी है।

जेपी नड्डा ने विपक्ष की आलोचना की

सभापति की नाराजगी देख सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने जो व्यवहार किया, जिसने आपको तकलीफ पहुंचाई और संवैधानिक दृष्टि से जो संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन हुआ है, वो सच में निंदनीय है। लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है। जब व्यवस्थाएं अपनी मर्यादा लांघ जाती हैं तो लोकतंत्र पर बड़ा आघात होता है। कांग्रेस और टीएमसी जिस तरीके से व्यवहार कर रही है और उनका रवैया चेयर के प्रति जैसा है वो निंदनीय है। जो लोग लंबे समय से संसदीय प्रणाली में कार्य करते रहे हैं उनके लिए ये आत्मचिंतन का वक्त है।

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