नई दिल्ली। हाल ही में संपन्न हुए ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य में बीजेडी के किले में सेंध लगा दी। इसके बाद से भाजपा यहां राजनीति समीकरण जुटाने में लग गई है। बीजेडी सांसद ममता मोहंता ने बुधवार को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दी थी। इसके बाद मोहंता गुरुवार को बीजेपी में शामिल हो गईं। मोहंता ने अपनी पार्टी बीजेडी से भी इस्तीफा दे दिया था। ममता मोहंता साल 2020 में राज्यसभा सांसद बनीं थीं और उनका कार्यकाल 2026 में खत्म होना था।
अब यह सीट बीजेपी की होगी
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ममता मोहंता के इस्तीफे से खाली होने वाली सीट पर अब चुनाव होंगे तो विधानसभा में सदस्यों की संख्या के गणित से यह सीट बीजेपी के पक्ष में जाएगी। ओडिशा में राज्यसभा की 10 सीटें हैं। यहां बीजेपी सत्ता में काबिज तो है, लेकिन उसके खाते में राज्यसभा के सिर्फ एक सांसद हैं।
राज्यसभा के गणित को समझें तो मौजूदा में समय उच्च सदन में कुल सदस्यों की संख्या 245 है, लेकिन वर्तमान में 225 सांसद ही हैं। बीजेपी के पास राज्यसभा में 86 सांसद हैं। एनडीए सहयोगियों को मिला दें तो यह आंकड़ा 101 तक पहुंचता है जो कि बहुमत के आंकड़े 113 से कम है। राज्यसभा में बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचने के लिए बीजेपी को ओडिशा से मिलने वाली सीटें काफी महत्वपूर्ण है।



