उत्तर भारत में बारिश और भूस्खलन का कहर, कई राज्यों में भारी तबाही
जलवायु परिवर्तन और तेजी से बदलते मौसम के बीच उत्तर भारत में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक हालात गंभीर बने हुए हैं।
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जम्मू-कश्मीर
अगस्त का महीना राज्य के लिए भारी साबित हुआ। अब तक 123 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। किश्तवाड़ के चिशोती और मछेल में बादल फटने से सबसे ज्यादा तबाही हुई। मां चंडी के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु भारी मलबे में फंस गए, जिससे 68 लोगों की जान चली गई। 2014 जैसी आपदा दोबारा लौट आई है।

हिमाचल प्रदेश
ढाई महीनों से राज्य लगातार आपदा झेल रहा है। बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 360 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 47 लोग लापता हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार चार हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। प्रदेश के सभी जिले प्रभावित हैं, खासतौर पर कुल्लू, मंडी, चंबा, शिमला और कांगड़ा।
उत्तराखंड
लगातार आपदाओं से राज्य जूझ रहा है। एक अप्रैल से 31 अगस्त तक 79 लोगों की जान गई है। बादल फटने, ग्लेशियर टूटने और नदियों के उफान से हालात बिगड़े हैं। चारधाम यात्रा 55 दिन तक बाधित रही। सरकार ने केंद्र से विशेष सहायता मांगी है।
पंजाब
राज्य की नदियों में उफान से अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 1,500 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 1.74 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। लगभग 3.87 लाख लोग प्रभावित हैं।
हरियाणा
12 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। सामान्य से 48% अधिक बारिश ने चारों नदियों को खतरे के निशान से ऊपर पहुँचा दिया है। अब तक 24 से अधिक मौतें हुई हैं और 11 लाख एकड़ फसल नष्ट हो चुकी है। हजारों लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
राजस्थान
जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, अजमेर और उदयपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मकान गिरने और बिजली गिरने से कई लोगों की मौत हुई है। भीलवाड़ा और अन्य इलाकों में पानी भर गया है, जबकि कुछ हाईवे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
वैष्णो देवी यात्रा पर असर
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण माता वैष्णो देवी यात्रा 12वें दिन भी स्थगित रही। त्रिकुटा पहाड़ियों में सड़कों के अवरुद्ध होने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
इन हालात ने साफ कर दिया है कि उत्तर भारत, विशेषकर पहाड़ी राज्य, इस साल 2013 की केदारनाथ आपदा जैसी गंभीर चुनौतियों से गुजर रहे हैं।


