उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में भारी बारिश से हाहाकार, भूस्खलन से सड़कें बंद
उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और पहाड़ दरकने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
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उत्तराखंड:
धारचूला में भारी बारिश के बाद तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पर ऐलागाड़ और कुलागाड़ के पास पहाड़ी दरक गई। इसके चलते दारमा, चौदास और व्यास घाटियों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया। सोबला सड़क भी भूस्खलन से बंद है। सुवा झूला पुल के पास बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हो गया है। एसडीएम जितेंद्र वर्मा के अनुसार, सड़क खोलने के प्रयास जारी हैं, लेकिन खराब मौसम के चलते मुश्किलें आ रही हैं।

जम्मू-कश्मीर:
मौसम विभाग ने 2 सितंबर तक भारी बारिश और भूस्खलन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका असर खासकर जम्मू संभाग पर पड़ेगा, जबकि कश्मीर संभाग पर असर सीमित रहेगा। रामबन और रियासी के पुराने भूस्खलन क्षेत्र फिर सक्रिय हो गए हैं। विशेषकर नाशरी टनल से पंथ्याल तक 20–30 किमी का इलाका बेहद संवेदनशील हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान चट्टानों को काटे जाने, एमबीटी (मेन बाउंड्री थ्रस्ट) के गुजरने, जलवायु परिवर्तन और कमजोर चट्टान संरचना ने इस क्षेत्र को और अस्थिर बना दिया है।
इस बीच, जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को एनएचएआई ने बहाल कर दिया है। हाईवे पर करीब 72 घंटे से फंसे दो हजार वाहन अब अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और भारी मशीनें तैनात की गई हैं।

हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्य:
मौसम विभाग ने पंजाब, राजस्थान, यूपी समेत सात राज्यों में 2 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।



