सपा की बढ़ी मुश्किल स्वामी प्रसाद मौर्य ने छोड़ा पद ,पल्लवी पटेल ने भी तरेरीं आंखे
समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इस बारे में अखिलेश यादव को चिट्ठी लिखी है, जिसमें अपने साथ भेदभाव का आरोप लगाया है. चिट्ठी में मौर्य ने लिखा है कि उनके बयानों को निजी बयान कहा जाता है जबकि पार्टी के कुछ अन्य राष्ट्रीय महासचिवों का बयान पार्टी का होता है. मौर्य ने लिखा पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं ने मेरे बयानों को निजी कहकर कार्यकर्ताओं के हौसले को तोड़ने की कोशिश की. मैं नहीं समझ पाया कि एक राष्ट्रीय महासचिव मैं हूं, जिसका कोई भी बयान निजी हो जाता है और पार्टी के कुछ राष्ट्रीय महासचिव व नेता ऐसे भी हैं, जिनका हर बयान पार्टी का होता है. एक ही स्तर के पदाधिकारियों में कुछ का निजी, कुछ का पार्टी का बयान कैसे हो जाता है.
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अगर राष्ट्रीय महासचिव पद में भी भेदभाव है, तो मैं समझता हूं ऐसे भेदभावपूर्ण, महत्वहीन पद पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है. इसलिए मैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पद से त्यागपत्र दे रहा हूं.हालांकि, उन्होंने चिट्ठी में ये भी स्पष्ट कर दिया है कि वह पार्टी में बिना किसी पद के ही बने रहेंगे.
वहीं स्वामी प्रसाद एक और जहाँ मौर्य ने महासचिव पद से इस्तीफा दिया तो वहीं राज्यसभा प्रत्याशियों के मुद्दे पर पल्लवी पटेल भी नाराज हैं . अपना दल कमेरवादी की नेता और समाजवादी पार्टी के समर्थन से सिराथू से विधायक बनी पल्लवी पटेल राज्यसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी द्वारा खड़े किए गए तीन प्रत्याशियों को वोट नहीं देगी. पल्लवी पटेल अखिलेश यादव द्वारा घोषित प्रत्याशियों से नाखुश हैं.


