लखनऊ। लखनऊ में रविवार सुबह नगर निगम और पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला कोर्ट परिसर के आसपास अवैध चैम्बर और दुकानों को बुलडोजर से हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
कोर्ट के बाहर 240 अवैध कब्जे
बताया जाता है कि यहां 240 अवैध कब्जे हैं। कार्रवाई की सूचना पर बड़ी संख्या में वकील पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद वकीलों की पुलिस से भिड़ंत हो गई। हालत इतनी बिगड़ गई की पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
👉 यह भी पढ़ें:
भारी पुलिस बल तैनात
राजधानी लखनऊ को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन लगातार कार्रवाई का रहा है। जिला कोर्ट परिसर में अवैध निर्माणों के चलते स्थिति विकट हो चली थी। इसके कारण यहां आने वालों को परेशानी हो रही थी। रविवार सुबह कार्रवाई शुरू की गई। विरोध को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
वकीलों ने कहा-बिना नोटिस कार्रवाई
चैम्बर तोड़े जाने की सूचना पर बड़ी संख्या में वकील एकत्रित हो गए और कार्रवाई का विरोध किया। वकीलों के मुताबिक इस तरह की कार्रवाई बिना उन्हें नोटिस या सूचना के हो रही है। इसलिए ये कार्रवाई रुकनी चाहिए, जबकि नगर निगम कार्रवाई नहीं रोक रहा।
चैंबर में खुद बंद हो गया वकील
कार्रवाई के दौरान वकील ने खुद को चैंबर में बंद कर लिया। उसने कहा कि हमे कोई नोटिस नहीं मिली है। सिर्फ चैंबर तोड़े जा रहे हैं। उसने चैंबर के अंदर फांसी लगाने की कोशिश की। एक अन्य वकील ने कहा कि कुछ कुछ लोगों की मिलीभगत से यह सब गलत हो रहा है। जिस जगह पर हमारे वकील बैठते थे, उस जगह को हटाया जा रहा है। अगर वे सभी चैंबर्स को गिराने से पहले बैठने के लिए कोई दूसरी जगह दे देते।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
बताया जाता है कि हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य भवन व कचहरी के आसपास बने वकीलों के 240 अवैध चैंबर तोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद नगर निगम ने नोटिस चस्पा किए थे। वकीलों को खुद अवैध चैंबर हटाने के लिए वक्त भी दिया था। इसकी मियाद पूरी होने के बावजूद इन चैंबरों को नहीं हटाया गया। इस पर बुलडोजर चलाया गया।


