श्रीलंका का भारत से अनुरोध: ‘मछुआरों को हमारी जलसीमा में घुसने से रोके’
श्रीलंका सरकार ने भारत से अपील की है कि वह अपने मछुआरों को द्वीपीय राष्ट्र के जलक्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश करने से रोके। श्रीलंका के परिवहन, राजमार्ग, बंदरगाह और नागरिक उड्डयन मंत्री बिमल रथनायके ने कहा कि जल सीमा उल्लंघन को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत इस दिशा में कार्रवाई करता है, तो उत्तरी श्रीलंका के लोग इसकी बहुत सराहना करेंगे, क्योंकि मछली पकड़ना ही उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत है।
‘तमिलनाडु सरकार को भी उठाने चाहिए ठोस कदम’
रथनायके ने श्रीलंकाई संसद में कहा, “भारत ने हमेशा श्रीलंका की मदद की है, लेकिन जाफना के लोगों के लिए सबसे बड़ी मदद यह होगी कि उनकी आजीविका को सुरक्षित रखा जाए।” उन्होंने भारत, तमिलनाडु सरकार और सांसदों से अपील की कि वे इस समस्या का समाधान निकालें।
‘भारतीय मछुआरों का अवैध प्रवेश बड़ा मुद्दा’
श्रीलंकाई नौसेना के अनुसार, 2024 में अब तक 550 से अधिक भारतीय मछुआरों को श्रीलंकाई जलक्षेत्र में अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 130 से अधिक गिरफ्तारियां इसी साल की गई हैं।
मोदी की यात्रा से पहले उठा मुद्दा
यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित श्रीलंका यात्रा से पहले आया है। पीएम मोदी अप्रैल की शुरुआत में श्रीलंका का दौरा कर सकते हैं, जो उनकी चौथी यात्रा होगी। इससे पहले वे 2015, 2017 और 2019 में श्रीलंका का दौरा कर चुके हैं। विपक्षी सांसद मनो गणेशन ने सुझाव दिया कि श्रीलंका सरकार को इस मुद्दे को प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत के एजेंडे में शामिल करना चाहिए।
श्रीलंका ने यह भी स्वीकार किया कि भारत ने देश के सशस्त्र संघर्ष के दौरान उत्तरी श्रीलंकाई लोगों की सहायता की थी, लेकिन अब उनकी आजीविका की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
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