SBI ने होम लोन समेत लेंडिंग रेट्स में की कटौती, 15 जून से लागू होंगी नई दरें
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रेपो रेट में कटौती के बाद एसबीआई का बड़ा फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती के बाद, भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने भी अपने लेंडिंग रेट्स में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इससे पहले 12 जून को बैंक ऑफ बड़ौदा ने ब्याज दरों में कटौती कर होम लोन को सस्ता किया था।
रेपो रेट घटने से क्यों सस्ते होते हैं लोन?
रेपो रेट में कटौती का अर्थ है कि बैंकों को भारतीय रिजर्व बैंक से कम ब्याज दर पर कर्ज मिलता है, जिससे वे ग्राहकों को भी सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध करा पाते हैं। यही वजह है कि SBI ने भी अपने होम लोन और अन्य फ्लोटिंग लोन की दरें घटा दी हैं।
SBI की नई ब्याज दरें: EBLR में कटौती
- SBI ने एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) को घटाकर 8.65% से 8.15% कर दिया है।
- नई दरें 15 जून 2025 से प्रभावी होंगी।
- SBI के सभी फ्लोटिंग रेट लोन (जैसे होम लोन, MSME लोन) EBLR से जुड़े होते हैं।
SBI होम लोन पर नई ब्याज दरें
- CIBIL स्कोर के आधार पर ब्याज दरें तय की जाती हैं:
- सामान्य होम लोन: 7.50% से 8.45%
- मैक्सगेन ओडी होम लोन: 7.75% से 8.70%
- टॉप-अप होम लोन: 8.00% से 10.50%
MCLR में नहीं हुआ कोई बदलाव
14 जून 2025 तक SBI की MCLR (मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट) में कोई बदलाव नहीं हुआ है:
- ओवरनाइट और 1 महीने की MCLR: 8.20%
- 3 महीने की MCLR: 8.55%
- 6 महीने की MCLR: 8.90%
- 1 साल की MCLR: 9.00%
- 2 साल की MCLR: 9.05%
- 3 साल की MCLR: 9.10%
निष्कर्ष
SBI की इस कटौती से नए और मौजूदा होम लोन ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी। EBLR आधारित लोन लेने वाले ग्राहकों को जल्द ही EMI में कमी का लाभ मिल सकता है। वहीं, MCLR आधारित लोन लेने वाले ग्राहकों को थोड़ी और प्रतीक्षा करनी होगी क्योंकि MCLR दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।


