ऑपरेशन सिंदूर: बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी आतंकी ठिकाने तबाह, महिला कर्मियों ने निभाई अग्रिम मोर्चे की भूमिका
बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी और ड्रोन हमलों का मुंहतोड़ जवाब देते हुए कई आतंकी लॉन्च पैड्स को नष्ट किया बीएसएफ के आईजी जम्मू शशांक आनंद ने बताया कि इस ऑपरेशन में महिला जवानों की अग्रिम मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ की बहादुर महिला कर्मियों ने अग्रिम चौकियों पर नेतृत्व और साहस का परिचय दिया। सहायक कमांडेंट नेहा भंडारी ने अग्रिम चौकी की कमान संभाली, जबकि कांस्टेबल मंजीत कौर, मलकीत कौर, ज्योति, सम्पा और स्वप्ना ने पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में हिस्सा लिया।”
इस संघर्ष में बीएसएफ के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, कांस्टेबल दीपक कुमार और भारतीय सेना के नायक सुनील कुमार वीरगति को प्राप्त हुए। बीएसएफ ने इन बलिदानों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो चौकियों का नाम शहीद जवानों के नाम पर और एक चौकी का नाम ‘सिंदूर’ रखने का प्रस्ताव दिया है।
शशांक आनंद ने आगे बताया कि पाकिस्तान की ओर से 40 से 50 आतंकियों को सीमा पार कराने की साजिश रची गई थी। उनकी फॉरवर्ड पोस्ट को निशाना बनाकर घुसपैठ की योजना थी, लेकिन बीएसएफ ने सटीक जवाबी कार्रवाई की। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर का प्रहार पाकिस्तान कभी नहीं भूल पाएगा।”
बीएसएफ ने ऑपरेशन सिंदूर का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें आतंकी ठिकानों को तबाह किए जाने की पुष्टि होती है। आनंद ने कहा कि एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकी लॉन्चपैड्स और शिविरों में गतिविधि बढ़ी है, और सुरक्षाबलों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
सीमावर्ती गांवों में विश्वास बहाली की पहल
शशांक आनंद ने बताया कि सीमावर्ती गांवों में किसानों को फसल काटने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। “हम सीमावर्ती इलाकों की सतत निगरानी कर रहे हैं और किसानों को सुरक्षा के बीच कृषि कार्यों में मदद दे रहे हैं। सीमावर्ती गांवों में चिकित्सा शिविर, बैठकें और नागरिक सहायता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।”
आरएस पुरा सेक्टर और अखनूर में भी जबरदस्त जवाब
बीएसएफ डीआईजी चित्तर पाल ने बताया कि 9 मई को पाकिस्तान ने फ्लैट ट्रैजेक्टरी हथियारों और मोर्टार से कई चौकियों और गांव अब्दुलियान को निशाना बनाया। जवाब में बीएसएफ ने मस्तपुर स्थित आतंकी लॉन्च पैड को तबाह कर दिया।
बीएसएफ डीआईजी एसएस मंड ने कहा कि 8 मई को करीब 40-50 संदिग्ध गतिविधियों का पता चला, जिसके बाद एहतियातन कार्रवाई की गई। “हमारे हमले में कई आतंकवादी, उनके समर्थक, पाक रेंजर्स और अधिकारी घायल हुए।”
शशांक आनंद ने बताया कि 9-10 मई को अखनूर क्षेत्र में भी भारी गोलीबारी हुई, जिसका बीएसएफ ने योजनाबद्ध तरीके से जवाब देते हुए लूनी आतंकी लॉन्च पैड को निशाना बनाया।
निष्कर्ष:
ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ की महिला और पुरुष जवानों ने एकजुट होकर दुश्मन की घुसपैठ की साजिश को नाकाम किया और सीमा पर मजबूती का परिचय दिया। यह अभियान न केवल सैन्य दृष्टि से बल्कि मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित हुआ है।



