महाराष्ट्र के नासिक में चर्चित टीसीएस प्रकरण की जांच में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जबरदस्ती धर्मांतरण, यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोपों में फरार चल रही महिला आरोपी निदा खान को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है।
नासिक अपराध शाखा और छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए निदा खान को नारेगांव स्थित कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट से हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, वह 25 मार्च से लगातार फरार चल रही थी और उसकी तलाश में विशेष टीमें जुटी हुई थीं।
सूत्रों के मुताबिक, जिस फ्लैट से गिरफ्तारी हुई वहां निदा खान अपने माता-पिता, भाई और मौसी समेत परिवार के अन्य लोगों के साथ रह रही थी। गिरफ्तारी के बाद उसे रात में अदालत में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
इससे पहले स्थानीय अदालत निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी। विशेष जांच दल ने अदालत में जांच रिपोर्ट पेश करते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया था। वहीं, 20 अप्रैल को भी अदालत ने उसे अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
अब तक इस मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कुल नौ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें एक मामला देवलाली कैंप थाने में जबकि बाकी मामले मुंबई नाका थाने में दर्ज हैं। इस पूरे प्रकरण के मुख्य आरोपी सैफी शेख और रजा मेमन बताए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को “बेहद गंभीर” बताते हुए कहा है कि राज्य की एजेंसियां गहराई से जांच कर रही हैं। उनका कहना है कि पूरे मामले की तह तक पहुंचकर यह पता लगाया जाएगा कि तकनीकी क्षेत्र की आड़ में यौन शोषण और धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसी गतिविधियों के पीछे कौन लोग शामिल हैं।