डीसी बोर्ड को हाईकोर्ट से भी झटका, पुराने प्रकरणों का निराकरण होने तक नहीं हो सकता संविधान संशोधन, कलेक्टर ने भी ऐसा ही दिया था आदेश

Date:

इंदौर। अपने फायदे के लिए डेली कॉलेज का संविधान बदलने पर तुले डीसी बोर्ड को हाईकोर्ट से भी झटका लगा है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जो प्रकरण रजिस्ट्रार, फर्म एंड सोसायटी भोपाल के यहां लंबित है उसका शीघ्र निराकरण किया जाए। इसका निष्कर्ष यही है कि जब तक इसका निराकरण नहीं होता तब तक संविधान संशोधन जैसा कोई फैसला नहीं हो सकता। इसके साथ ही कोर्ट ने सहायक रजिस्ट्रार इंदौर के आदेश पर डीसी बोर्ड की आपत्ति भी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आप इसके लिए सक्षम न्यायालय जाएं।

उल्लेखनीय है कि डीसी बोर्ड संविधान संशोधन के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। बोर्ड के कुछ लोग चाहते हैं कि चुनाव ही नहीं हो और वे हमेशा इस पद पर बने रहे हैं। इसकी शिकायत कलेक्टर शिवम वर्मा तक भी पहुंची थी। कुछ पैरेंट्स ने कहा था कि डीसी बोर्ड 12 नवंबर को बैठक कर संविधान में संशोधन करने जा रहा है। पैरेंट्स ने इस मामले में अब तक चली कवायद और कुछ लंबित प्रकरणों का भी हवाला दिया था। इसके बाद कलेक्टर ने सहायक रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी बीडी कुबेर को इस संबंध में आदेश दिए थे। इसमें पुराने लंबित प्रकरणों का हवाला देकर कहा गया था कि 12 नवंबर की बैठक में संविधान संशोधन संबंधी कोई फैसला नहीं लिया जाए।

हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट दिए निर्देश

इस मामले में डीसी बोर्ड के सदस्य संदीप पारीख ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसकी सुनवाई जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट में 12 नवंबर को हो गई थी। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज 13 नवंबर को फैसला आया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता पीयूष पाराशर ने बताया कि हाईकोर्ट ने कहा है कि जो प्रकरण रजिस्ट्रार, फर्म एंड सोसायटी भोपाल के यहां लंबित है उसका शीघ्र निराकरण किया जाए। इसका निष्कर्ष यही है कि जब तक इसका निराकरण नहीं होता तब तक संविधान संशोधन जैसा कोई फैसला नहीं हो सकता।

सहायक रजिस्ट्रार के फैसले के बाद भोपाल से स्टे

अधिवक्ता पाराशर ने बताया कि 29 अगस्त 25 को सहायक रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी ने एक आदेश पारित किया था, जिसमें डेली कॉलेज संस्था को साधारण आम सभा बुनालने के निर्देश दिए गए थे। उनका उद्देश्य यह था कि डेली कॉलेज में जो भी फैसले लिए जाएं उसे सिर्फ 9 सदस्यीय डीसी बोर्ड न करे, बल्कि सारे सदस्यों के अनुमोदन से कोई भी फैसला हो। इस आदेश के खिलाफ डीसी बोर्ड ने रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी भोपाल को एक अपील की। उस अपील पर सुनवाई 19 सितंबर 25 को हुई थी। उस पर कोई फैसला अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन स्टे जरूर मिला था। इस संबंध में रजिस्ट्रार का कहना था कि अगर वे स्टे नहीं देंगे तो डेली कॉलेज की अपील निष्प्रभावी हो जाएगी। इस स्टे ऑर्डर की व्याख्या डेली कॉलेज प्रबंधन ने इस तरह कर ली कि सहायक रजिस्ट्रार का ऑर्डर खारिज हो गया है।

संदीप पारीख ने रजिस्ट्रार के पास लगाए हैं आवेदन

अधिवक्ता पाराशर ने बताया कि याचिकाकर्ता संदीप पारीख ने भी रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी, भोपाल और सहायक रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी इंदौर के पास आवेदन लगा रखा है। जब पारीख के आवेदनों का यहां भी निराकरण नहीं हुआ तो उन्होंने हाईकोर्ट में अपील कर दी। इसी अपील पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

मोहनलाल ने फिल्म L366 का शीर्षक और नया पोस्टर किया जारी, ‘अथिमनोहरम’ रखा नाम

कोच्चि। मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार मोहनलाल ने आखिरकार...