इंदौर। लव जिहाद के लिए फंडिंग सहित अन्य आपराधिक मामलों में फंसे पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत को पद से हटाने की तैयारी हो गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने संभागायुक्त को पत्र लिखकर कादरी को पार्षद पद से हटाने की सिफारिश की है। महापौर ने पत्र के साथ कादरी पर दर्ज एफआईआर की कॉपी भी लगाई है।
महापौर ने लिखा है कि पार्षद एवं अपील समिति सदस्य भारतसिंह रघुवंशी ने एक पत्र भेजा है और साथ में एफआईआर की कॉपी भी दी है। इसे देखने के बाद यह स्पष्ट होता है कि अनवर कादरी देशद्रोही एवं अपराधिक प्रवृत्ति का आदमी है। इसके विरुद्ध पूर्व में कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। हाल ही में इनकी उपस्थिति में एक सम्प्रदाय विशेष के लोगों द्वारा देशद्रोही नारे लगाने की घटना भी हुई है।
👉 यह भी पढ़ें:
- हे इंदौर की सड़कों के गड्ढों, काश तुम्हारा फोटो और वीडियो भी महापौर के पास पहुंच जाता!
- महापौर के बेटे के भाषण विवाद पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा की लगी क्लास, पता चला भार्गव की जिद पर ही हुआ था भाषण
- लव जिहाद के लिए फंडिंग करने का आरोपी पार्षद अनवर कादरी कोर्ट में पेश, लंबे समय से था फरार
- लव जिहाद के लिए फंडिंग करने के आरोपी अनवर कादरी की पार्षदी खत्म करने की कार्रवाई शुरू, संभागायुक्त दीपक सिंह ने जारी किया नोटिस
लव जिहाद में फंडिंग का है आरोप
महापौर ने लिखा है कि पिछले दिनों मीडिया में यह खबर भी प्रकाशित हुई थी कि अनवर कादरी वार्ड क्रमांक 58 द्वारा लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिए एक सम्प्रदाय विशेष के युवकों को पैसा (फंडिंग) दिया गया। पार्षद ने लव जिहाद को बढ़ावा देने के लिए युवको को प्रेरित किया। इस शर्मनाक घटना का शहर में बड़ा ही बुरा प्रभाव पड़ा तथा इस घटना को लेकर नागरिकों में आक्रोश है।
साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का डर
लोगों द्वारा द्वारा इस घटना को लेकर शहर में प्रदर्शन भी किया गया। कादरी द्वारा किए इस कृत्य से शहर में सद्भावना को ठेस पहुंची। इससे शहर साम्प्रदायिक सौहार्द भी बिगड़ सकता है। इस घटना को लेकर शहर के नागरिकों द्वारा पुलिस में कादरी के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। पार्षद अनवर कादरी द्वारा शहर में साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने का कृत्य किया गया है जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। महापौर ने लिखा है कि वे पार्षदों की कादरी को पार्षद पद से हटाने की मांग का समर्थन करते हैं। पार्षद अनवर कादरी वार्ड क्रमांक 58 के विरुद्ध मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रवधान अन्तर्गत इनके विरुद्ध कार्यवाही करते हुए तत्काल इन्हें पार्षद पद से हटाया जाए।


