एक बार फिर ठगा गया इंदौर, महाआर्यमन की व्यवस्था हो गई फेल, टिकटों की कालाबाजारी से नेता से लेकर अफसर तक त्रस्त

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इंदौर। भारत और न्यूजलैंड के बीच रविवार को होने वाले मैच में इंदौर के क्रिकेट प्रेमियों को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। ऑनलाइन टिकट मिले नहीं, जबकि ब्लैक में काफी महंगे दाम पर खुलेआम टिकट बिक रहे हैं। इस बार क्रिकेट प्रेमियों के साथ ही नेता से लेकर अफसर तक परेशान हैं। यही वजह है कि कई लोगों ने टिकटों की कालाबाजारी की शिकायत पहली बार भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) तक भी पहुंचाई है।

बताया जाता है कि एमपीसीए के नए अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र महाआर्यमन ने इस बार किसी आईटी एजेंसी को टिकटों की जिम्मेदारी सौंपी थी। उसने ऐसा चूना लगाया कि ऑनलाइन टिकट तो मिले ही नहीं, बाजार में जमकर कालाबाजारी शुरू हो गई। साइट हैक होने की खबर भी है। हालत यह है कि नेता, जज, अफसर से लेकर हर मैच देखने के शौकीन लोग भी परेशान हो रहे हैं। पुलिस आयुक्त संतोष सिंह ने तो पहले ही कह दिया था कि उन्हें पास से कोई मतलब नहीं है, सिर्फ पुलिस वेलफेयर फंड की चिन्ता है, लेकिन बाकी विभागों के अफसर परेशान हैं।

विधायकों को भेजने पड़े सस्ते टिकट

बताया जाता है कि इस बार एमपीसीए के पदाधिकारी भी टिकटों को लेकर काफी परेशान हैं। यही वजह है कि इस बार कई विधायकों को भी 1250 रुपए वाली टिकट भेज दी गई है। टिकटों का आलम यह है कि खुलेआम बाजार में 19 से 25 हजार रुपए में टिकट मिल रहे हैं।

ग्वालियर वालों की ज्यादा चली

एमपीसीए से जुड़े लोग बता रहे हैं कि इस बार के मैच में इंदौर से ज्यादा ग्वालियर की चली है। महाआर्यमन से जुड़े लोगों को पास ज्यादा टिकट पहुंचे, इस कारण इंदौर में टोटा हो गया। इंदौर के कुछ नेता जो हर बार काफी संख्या में टिकट बांटकर अपने लोगों को खुश करते थे, वे भी परेशान दिखे। हर बार सोशल मीडिया पर मैच देखते फोटो डालने वाले भी परेशान घूमते दिखाई दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर टिकट बेचने का दावा

बताया जाता है कि कुछ कालाबाजारी करने वालों ने इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया के माध्यम से भी टिकट बेचने का दावा किया है। इस पर संपर्क करने पर टिकटों की पूरी रेट लिस्ट भेजी जा रही है। इसके लिए आधी रकम की डिमांड भी की जा रही है। कई ठग सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं।

वेबसाइट और एप हो गए थे क्रैश

3 जनवरी 2026 की सुबह 5 बजे जैसे ही टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुरू हुई, प्लेटफॉर्म पर भारी ट्रैफिक गया। वेबसाइट और एप क्रैश हो गए। लाखों यूजर्स को घंटों तक वेटिंग में रखा गया और ज्यादातर लोग पेमेंट पेज तक भी नहीं पहुंच सके। कुछ ही मिनटों में ईस्ट और वेस्ट स्टैंड जैसे सस्ते टिकट बिक गए, जबकि प्रीमियम कैटेगरी के टिकट भी 10 मिनट के भीतर खत्म हो गए।

भागीरथपुरा कांड के बाद भी मंत्रीगुट के पास 2500 टिकट

सूत्र बताते हैं कि इस बार भी हर बार की तरह मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का गुट टिकट का जुगाड़ करने में सबसे आगे रहा है। मंत्रीजी के पुत्र आकाश विजयवर्गीय इंदौर संभागीय क्रिकेट संगठन (आईडीसीए) के चेयरमैन हैं और भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में उलझने के बावजूद उन्होंने 2500 टिकट का इंतजाम कर लिया है।

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