भोपाल। कांग्रेस विदायक आरिफ मसूद के खिलाफ भोपाल के कोहेफिजा थाने में कांग्रेस धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। विधायक आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कॉलेज को मान्यता दिलवाई। हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है।
एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश के अनुसार केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने उनके कॉलेज इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। छात्रों के हित को देखते हुए कोर्ट ने कॉलेज को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। हाईकोर्ट ने सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता प्राप्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को आदेश दिया कि वे तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को दें। जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कॉलेज की मान्यता ली थी।
👉 यह भी पढ़ें:
- विजयपुर के कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित, ग्वालियर हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब रामनिवास रावत होंगे नए विधायक
- यौन उत्पीड़न केस में बड़ी कार्रवाई: कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटथिल पुलिस हिरासत में
- कर्नाटक के कांग्रेस एमएलए केसी वीरेंद्र को ईडी ने किया गिरफ्तार, छापे में करोड़ों के नकदी और आभूषण मिलने के बाद कार्रवाई
- सीबीआई ने अनिल अंबानी की आरकॉम कंपनी पर दर्ज किया केस, दो हजार करोड़ की धोखाधड़ी का मामला, परिसरों की हुई तलाशी
एसआईटी 90 दिन में करेगी जांच
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि इस पूरे मामले की अब एसआईटी जांच करेगी। एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। हाईकोर्ट ने कहा है कि 90 दिन में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें। इस मामले की शिकयात पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली। इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई।


