पहलगाम आतंकी हमला: योजनाबद्ध साजिश, खुफिया इनपुट के बावजूद नहीं टल सका हमला
पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार यह हमला सुनियोजित था, जिसमें स्थानीय और पाकिस्तानी आतंकवादियों की मिलीभगत सामने आई है। हमले में कुल 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या कर दी गई।
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स्थानीय आतंकियों ने बनाई पर्यटकों में पहचान
अधिकारियों ने बताया कि दो स्थानीय आतंकवादी पहले से ही पर्यटकों के बीच घुलमिल गए थे। जैसे ही पहली गोली चली, इन आतंकियों ने पर्यटकों को एक फूड कोर्ट परिसर में इकट्ठा किया, जहां पहले से दो पाकिस्तानी आतंकी मौजूद थे। इसके बाद अंधाधुंध गोलीबारी की गई।
खुफिया एजेंसियों ने दी थी चेतावनी
हमले से कुछ दिन पहले खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी थी कि पर्यटकों को निशाना बनाया जा सकता है।
- श्रीनगर के बाहरी इलाकों — दाछिगाम, निशात और जबरवान पहाड़ियों के आसपास — तलाशी अभियान भी चलाए गए थे।
- 22 अप्रैल को यह तलाशी अभियान बंद किया गया और उसी दिन हमला हो गया।
कटड़ा-श्रीनगर ट्रेन उद्घाटन को टारगेट करने की साजिश
इनपुट थे कि आतंकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कटड़ा से श्रीनगर ट्रेन उद्घाटन यात्रा के दौरान बड़ा हमला करने की योजना बना रहे थे।
- हालांकि 19 अप्रैल को प्रस्तावित यह यात्रा तेज हवाओं की चेतावनी के चलते स्थगित कर दी गई।
- अधिकारियों का मानना है कि सीमा पार से बैठे तत्व नहीं चाहते थे कि यह उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सकारात्मक छवि पेश करे, इसलिए हमला किया गया।
आधुनिक हथियारों से लैस थे आतंकी
हमले और हालिया मुठभेड़ों में एम-सीरीज़ राइफल, स्नाइपर और कवचभेदी गोलियां बरामद हुई हैं।
- अधिकारियों को संदेह है कि ये हथियार अफगानिस्तान में छोड़े गए नाटो बलों के शस्त्रागार से आतंकियों के हाथ लगे हैं।
बदलती आतंकवादी रणनीति पर चिंता
इन घटनाओं के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने रिपोर्ट तैयार की है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के तौर-तरीकों में बदलाव आ रहा है।
- अब आतंकी सीधे नागरिकों और पर्यटकों को निशाना बना रहे हैं।
- हथियारों की आपूर्ति और हमला करने के तरीके अधिक रणनीतिक और सुनियोजित होते जा रहे हैं।



