श्रीनगर। उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के नए मुख्यमंत्री होंगे। गुरुवार को विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से उन्हें नेता चुना गया। पार्टी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार गठन के लिए शुक्रवार को गठबंधन दलों के साथ चर्चा की जाएगी। उमर अब्दुल्ला दूसरी बार जम्मू-कश्मीर के सीएम का पद संभालने जा रहे हैं।
अब इंडिया गठबंधन का 3 सदस्यीय दल शुक्रवार को एलजी मनोज सिन्हा से मुलाकात कर सरकार के गठन का दावा पेश करेगा। शपथ ग्रहण समारोह 13 या 14 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। सूत्र बताते हैं कि एनसी सरकार में किसी को डिप्टी सीएम नहीं बनाना चाहती। कांग्रेस को कैबिनेट में स्थान दिया जाएगा। अगर संभव हुआ तो डिप्टी स्पीकर का एक पद भी कांग्रेस की झोली में आ जाएगा।
एनसी ने 42 सीटों पर जमाया है कब्जा
अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार चुनाव हुए। इसमें इंडिया गठबंधन ने चुनाव लड़ा, लेकिन एनसी ने सबसे ज्यादा 42 सीटों पर कब्जा जमाया। कांग्रेस को जहां मात्र 6 सीटें मिलीं, वहीं सीपीआई (एम) को एक सीट से ही संतोष करना पड़ा। इस बार निर्दलीय विधायकों की संख्या 7 है, जिनमें से 4 चार गुरुवार को एनसी में शामिल हो गए। इस तरह एनसी ने निर्दलीय के साथ बहुमत का जादुई आंकड़ा 46 बिना गठबंधन वाले दलों के ही छू लिया है।
भाजपा को इस बार 4 सीटों का फायदा
इस चुनाव में भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी थी, इसके बावजूद सत्ता उसके हाथ नहीं आई। भाजपा को 29 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा, लेकिन इसमें भी उसे पिछले चुनाव के मुकाबले 4 सीटों का फायदा हुआ है। इस बार महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी को भी जोरदार झटका लगा है, उन्हें न केवल 3 सीटें मिली हैं, बल्कि उनकी बेटी इल्तिजा चुनाव भी हार गईं। महबूबा की पार्टी को पिछले चुनाव में 28 सीटें मिली थीं।


