जम्मू-कश्मीर: नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच बढ़ी तकरार, राज्य के दर्जे पर टकराव
जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ गठबंधन साझेदार नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और कांग्रेस के बीच तनाव गहराता जा रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कांग्रेस ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिलता, तब तक वह सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी।
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राज्य के दर्जे पर कांग्रेस का अड़िग रुख
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद करा ने दो टूक कहा कि, “हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया जाता, हम सरकार में शामिल नहीं होंगे।” उन्होंने राज्य की मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, जहां निर्वाचित मुख्यमंत्री को भी पुलिस और उपराज्यपाल की मंजूरी के बिना काम करना मुश्किल हो जाता है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से प्रस्तावित विस्तार में कांग्रेस का एक मंत्री शामिल करने की योजना थी, लेकिन कांग्रेस के इनकार से नेशनल कॉन्फ्रेंस में असंतोष बढ़ गया है। नेकां नेताओं का मानना है कि कांग्रेस राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश कर रही है।
राज्य की सियासत में यह नया गतिरोध गठबंधन की स्थिरता पर सवाल खड़े कर रहा है और आने वाले समय में इसके और गंभीर राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं।


