वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में पेश किया आर्थिक सर्वे, इस साल देश की अर्थव्यवस्था 7.2% की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान

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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया। सर्वे के अनुसार साल 2027 तक भारत की अर्थव्यवस्था 6.8% से 7.2% तक बढ़ सकती है। 1 फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट से पहले पेश किया जाने वाला यह सर्वे बजट की दिशा और प्राथमिकताओं का संकेत देता है।

लोकसभा में पेश आर्थिक सर्वे के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत विकास की रफ्तार बनाए रखी है। वित्त वर्ष 2026-27 में देश की जीडीपी ग्रोथ 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है हालांकि यह मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अनुमानित 7.4 प्रतिशत की दर से थोड़ा कम है। आर्थिक सर्वे हर साल बजट से पहले पेश किया जाता है और अगले वित्तीय वर्ष की नीतियों के लिए आधार तैयार करता है। सर्वेक्षण में कहा गया कि भारत की अर्थव्यवस्था दशकों में सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन दुनिया का सिस्टम ऐसा हो गया है कि अच्छी आर्थिक चाल का फायदा करेंसी की स्थिरता, बाहर से पैसा आने या दुनिया की मुश्किलों से बचने के रूप में नहीं मिल रहा है।

अब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अमेरिका, चीन और जर्मनी के बाद भारत का नंबर आता है। सरकार ने पिछले महीने ही बताया था कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ दिया है। भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था है। पिछले साल की 6.5% की ग्रोथ से यह काफी बेहतर है। अगर हम कैलेंडर साल की बात करें, तो 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.3% और 2027 में 6.5% की दर से बढ़ सकती है। 2026 की दूसरी तिमाही में भारत की आर्थिक रफ्तार और तेज हुई। GDP ग्रोथ बढ़कर 8.2% हो गई, जो पिछले छह तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। यह अप्रैलजून की तिमाही के 7.8% के आंकड़े से भी बेहतर है। साल दर साल बढ़ी रफ्तार

दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर भारत की रफ्तार साल दर साल बढ़ती गई। ऐसा तब हुआ जब अमेरिका ने भारत के सामानों पर 50% का भारी टैरिफ लगाया। सरकार ने कई सुधार किए और मांग को बढ़ाने के लिए GST को भी कम किया। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, 2026 तक भारत की अर्थव्यवस्था 4 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगी। नॉमिनल ग्रोथ यानी बिना महंगाई को एडजस्ट किए ग्रोथ 8% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के बजट के 10.1% के अनुमान से कम है। महंगाई कम रहने की वजह से RBI ने 2025 में ब्याज दरों में 1.25% की कटौती की। इससे लोगों को लोन मिलना आसान हुआ और मांग बढ़ी। वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का भी मानना है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में अर्थव्यवस्था 8% की दर से बढ़ी। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, दूसरी छमाही में ग्रोथ 6.9% रहने की उम्मीद है।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

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