ईपीएफओ ने बदले निकासी नियम: अब विशेष परिस्थितियों में निकाल सकेंगे 100% भविष्य निधि राशि
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने निकासी नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए प्रावधान के तहत कर्मचारी अब बीमारी, शिक्षा, विवाह या आवास की आवश्यकता जैसी विशेष परिस्थितियों में अपनी भविष्य निधि (EPF) का 100% तक हिस्सा निकाल सकते हैं।
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ईपीएफ संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक दीर्घकालिक बचत योजना है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान शामिल होता है। अब नए नियम के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों के अंशदान सहित संपूर्ण राशि तक पहुंच संभव होगी, लेकिन केवल कुछ तय शर्तों के तहत ही।
मुख्य बिंदु:
- 100% निकासी केवल बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास जैसी स्थितियों में की जा सकेगी।
- कुल अंशदान का 25% हिस्सा न्यूनतम शेष रखना अनिवार्य होगा।
- इस शेष राशि पर 8.25% वार्षिक ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज मिलता रहेगा।
- अधिकांश आंशिक निकासी प्रक्रियाएं स्वचालित होंगी और कम जांच की आवश्यकता होगी।
इस बदलाव से कर्मचारियों को आर्थिक लचीलापन मिलेगा, साथ ही उनके खाते में शेष राशि पर निरंतर ब्याज अर्जन जारी रहेगा।


