संसद के शीतकालीन सत्र में हंगामा , उपराष्ट्रपति धनखड़ ने मर्फी के नियम से की तुलना
संसद के शीतकालीन सत्र में हंगामे पर राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने निराशा जताते हुए इसे मर्फी के नियम से जोड़ा। मर्फी का नियम कहता है कि जो कुछ भी गलत हो सकता है, वह गलत ही होगा। धनखड़ ने कहा कि एक ऐसा एल्गोरिदम मौजूद है, जो जानबूझकर सदन का संचालन नहीं होने दे रहा है, जिससे संसद के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो रही है।



