नई दिल्ली। दिल्ली में लंबे इंतजार के बाद सत्ता पर काबिज भाजपा 18 फरवरी को रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण करने की तैयारी कर रही है। 17 फरवरी को विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव कर लिया जाएगा। बैठक में भाजपा के सभी विधायक और दिल्ली के सातों सांसद मौजूद रहेंगे। इस बैठक में विधायक दल का नेता चुने जाने की संभावना है। इसके अलावा बैठक के बाद भाजपा विधायक दल के नेता पार्टी नेताओं के साथ उपराज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
भाजपा ने चुनाव में अपनी रणनीति के तहत मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद पार्टी इस मामले में निर्णायक कदम उठाने जा रही है। दरअसल भाजपा के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चुनाव परिणाम आने के बाद ही कयास लगाए जा रहे हैं। इस मामले में विधायकों में विजेंद्र गुप्ता, प्रवेश वर्मा, रेखा गुप्ता, सतीश उपाध्याय, आशीष सूद, पवन शर्मा, अजय महावर आदि के नाम सामने आ चुके हैं। जबकि सूत्रों का कहना है कि भाजपा मुख्यमंत्री व उनके सहयोग मंत्रियों के चयन में कोई ठोस निर्णय लेगी।
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इस कड़ी में भाजपा आलाकमान किसी सांसद को भी मुख्यमंत्री बना सकती है। इस मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व उत्तर पूर्वी दिल्ली क्षेत्र के सांसद मनोज तिवारी और नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज के नाम की चर्चा है। हालांकि भाजपा ने कोई फैसला नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी के आला नेता मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बातचीत कर रहे है।
जनता का हितैषी देख रही है भाजपा
सूत्रों के अनुसार, भाजपा आलाकमान की मंशा है कि ऐसा मुख्यमंत्री बनाया जाए जो न केवल पार्टी के भीतर सामंजस्य बनाए रखे, बल्कि वह जनता की अपेक्षाओं को भी पूरा करे। दरअसल जनता ने 10 वर्षों के बाद आम आदमी पार्टी को सत्ता से बाहर कर भाजपा को चुना है और अब उनकी उम्मीदें भी भाजपा से जुड़ी हुई हैं। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में यमुना की सफाई, महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह देने समेत अनेक वादे किए हैं, जिन्हें जनता अब पूरा होते देखना चाहती है। दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो रहा है, लिहाजा इससे पहले शपथ ग्रहण होने की संभावना है।



