कनाडा ने पहली बार माना: खालिस्तानी आतंकी कनाडा से भारत में फैला रहे हैं हिंसा, CSIS रिपोर्ट में खुलासा
कनाडा ने स्वीकार कर लिया है कि खालिस्तानी आतंकी कनाडा की जमीन का इस्तेमाल भारत में हिंसा फैलाने के लिए कर रहे हैं। भारत सरकार लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रही थी, लेकिन पहले की ट्रूडो सरकार ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। अब मार्क कार्नी के नेतृत्व वाली कनाडा सरकार ने इस खतरे को स्वीकार किया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- रुपया रिकॉर्ड गिरावट पर: पहली बार 93 के पार, डॉलर की मजबूती से बढ़ा दबाव
- रजनीकांत और कमल हासन पहली बार साथ आएंगे ‘थलाइवर 173’ में; 2027 की पोंगल पर रिलीज होगी फिल्म
- ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक 2025: नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, पहली बार फेंका 90 मीटर से लंबा थ्रो
- ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक 2025: नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, पहली बार फेंका 90 मीटर से लंबा थ्रो
कनाडा की खुफिया एजेंसी कनाडा सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने अपनी 2024 की सालाना रिपोर्ट में पहली बार आधिकारिक रूप से यह स्वीकार किया है कि कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथी मौजूद हैं और वे भारत में हिंसक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ये चरमपंथी भारत में हिंसा को समर्थन देने, उसके लिए धन इकट्ठा करने और हिंसक साजिशें रचने में सक्रिय हैं। CSIS ने यह भी माना कि 1980 के दशक के मध्य में राजनीति से प्रेरित इस हिंसक चरमपंथ की शुरुआत हुई थी, जिसका उद्देश्य भारत के पंजाब में अलग खालिस्तान राष्ट्र की स्थापना करना था। आज भी, कनाडा में मौजूद कुछ खालिस्तानी चरमपंथी उसी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं।
यह रिपोर्ट भारत की सुरक्षा चिंताओं की पुष्टि करती है और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करती है।


