बिहार में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में निशाने पर रही प्रदेश और केंद्र सरकार, महागठबंधन की सरकार आने पर अति पिछड़ों को आरक्षण का वादा

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पटना। बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव है। इसकी तैयारियों में जुटी कांग्रेस ने आज बुधवार को पटना के सदाकत आश्रम में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का आयोजन किया। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित सभी नेताओं के निशाने पर केंद्र और प्रदेश सरकार रही। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने जिस हाइड्रोजन बम की बात कही थी, वह आया नहीं है। आने वाला है। जिस दिन आएगा, सभी को सच्चाई का पता चल जाएगा।

राहुल गांधी ने बैठक के बाद विपक्षी गठबंधन के नेताओं के साथ मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जिसकी जितनी भागीदारी है, उसे उतनी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। मुझे आप बताइए पिछले 20 साल से नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन अति पिछड़ों के लिए यह सब काम उन्होंने क्यों नहीं किया? उन्होंने नगर निकाय में आपके आरक्षण सीमा को क्यों नहीं बढ़ाया? सरकारी ठेकों में आपको आरक्षण क्यों नहीं दिया? एनडीए सरकार वाले पिछले 20 साल से आपको यूज कर रहे थे, गुमराह कर रहे थे।

महागठबंधन की सरकार बनी तो अतिपिछड़ों को आरक्षण

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी पटना में अतिपिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम में शामिल हुए। खड़गे ने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद अतिपिछड़ों को पंचायत और नगर निकाय चुनाव में आरक्षण की सीमा 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करेंगे। उन्होंने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा किबिहार में आया नीतीश गया नीतीशसुनते सुनते जनता तंग चुकी है। अब इन्हें जाने दो। राहुल गांधी ने कहा कि हम लोग आपको एक विजन देना चाहते हैं। यह विजन हमारा या किसी पार्टी का नहीं है। बल्कि, अति पिछड़ा समाज का विजन है। हम लोगों के 10 पॉइंट हैं। इसमें अतिपिछड़ों को स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव में आरक्षण, भूमिहीनों को जमीन शहरी इलाकों में 3 डिसमिल जमीन देंगे। ईबीसी, एससी, एसटी को सरकारी ठेकों में 50 प्रतिशत आरक्षण देना हमारा विजन है। निजी संस्थानों में उन्हें आरक्षण देना हमारा लक्ष्य है।

नीतीश को बोझ मानती है भाजपा-खड़गे

कार्यसमिति की बैठक में खड़गे ने कहा कहा कि हम ऐसे समय मिल रहे हैं जब भारत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो समस्याएं हैं, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की कूटनीतिक विफलता का नतीजा हैं। जिन दोस्तों पर प्रधानमंत्री मेरे दोस्त कहकर गर्व करते हैं, वही आज भारत को कई परेशानियों में डाल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी आर्थिक और विदेश नीति के मामले के फेल हो गए। इसका खामियाजा जनता को भुगताना पड़ रहा है। बिहार चुनाव पर उन्होंने कहा कि भाजपा अब नीतीश कुमार को बोझ मान रही है। बैठक में कांग्रेस के अधिकांश वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

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