इंदौर। आज शरद पूर्णिमा पर न केवल चांदनी रात होगी, बल्कि आसमान से अमृत भी बरसेगा। इस बार शरद पूर्णिमा पर कई योग भी बन रहे हैं। आज के दिन खीर खाने की परंपरा है। चांदनी रात में खीर बनाई जाती है और माना जाता है कि चंद्रमा से बरसा अमृत उसे औषधि बना देता है। आज के दिन पूजन करने से धन-धान्य में वृद्धि के साथ ही कई बीमारियों से मुक्ति भी मिलती है।
ज्योतिषियों के अनुसार आज पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा और यह 7 अक्टूबर की सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इसलिए धार्मिक दृष्टि से व्रत, पूजा और चंद्र दर्शन का शुभ समय 6 अक्टूबर की रात को ही रहेगा। इस वर्ष शरद पूर्णिमा का पर्व वृद्धि योग के संयोग में मनाया जाएगा। इसके साथ ही उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। शरद पूर्णिमा की रात 11:30 बजे से 12:30 बजे तक का समय अत्यंत शुभ है। इस दौरान चंद्रमा की किरणों में अमृत तत्व का प्रभाव सर्वाधिक रहता है। इस अवधि में पूजा करने से मनोकामना पूर्ण होने के साथ ही लक्ष्मी की कृपा भी बरसती है।
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आज के दिन कर लें यह उपाय
आज के दिन रात को चन्द्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही भोजन करना चाहिए। मंदिर में खीर आदि दान कर सकते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा में सुपारी का इस्तेमाल करें। बाद में सुपारी पर लाल धागा लपेट लें। अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि से पूजन कर उसे अपने पैसे रखने वाली जगह पर रख लें। माना जाता है कि इससे लक्ष्मी की कृपा बरसती है। शरद पूर्णिमा की रात को आप हनुमानजी के सामने चौमुखा दीपक जलाएं, इससे घर में सुख-शांति का वास होता है। इस दिन तुलसी के पौधे के पास दीपक जरूर जलाएं। इससे भी सुख-शांति और समृद्धि आती है। आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है।
खीर को जरूर दिखाएं चंद्रमा की रोशनी
आज की रात चांद से अमृत बरसता है। ऐसे में माना जाता है कि खुले आसमान के नीचे बना खीर अमृत समान हो जाता है। अगर ऐसा संभव न हो तो घर से खीर बनाकर उसे छत पर रख सकते हैं। इससे कई औषधीय तत्व उसमें आ जाते हैं। फिर भोग लगाकर प्रसाद ग्रहण करें। माना जाता है कि यह खीर दमा जैसी कई बीमारियों में फायदेमंद है।


