लखनऊ। समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने यूपी में एसआईआर को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर प्रदेश में करीब तीन करोड़ वोट काट दिए गए हैं, जबकि भाजपा ने अपने एक करोड़ वोट बढ़ा लिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर भाजपा ने फर्जी या नकली वोट बनवाने की कोशिश की तो सपा के पीडीए प्रहरी हर बूथ पर निगरानी रखते हुए एफआईआर दर्ज कराएंगे।
लखनऊ में गुरुवार को मीडिया से चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा मतदाता सूची, पंचायत मतदाता सूची और नगर निकाय मतदाता सूची के आंकड़ों में भारी अंतर सामने आ रहा है। विधानसभा मतदाता सूची में जहां करीब 12.56 करोड़ मतदाता बताए जा रहे हैं, वहीं पंचायत मतदाता सूची में यह संख्या 12.70 करोड़ है। नगर निकाय मतदाता सूची में लगभग 4.32 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। यदि नगर निकाय सूची में अधिकतम 25 प्रतिशत त्रुटि मान भी ली जाए, तब भी पंचायत और नगर निकाय मतदाता सूची का कुल योग करीब 15.80 करोड़ होना चाहिए। ऐसे में सवाल उठता है कि लगभग तीन करोड़ मतदाता आखिर कहां गायब हो गए।
👉 यह भी पढ़ें:
- आरक्षण सुधार या आरक्षण समाप्ति? अखिलेश यादव के बयान से गरमाई सियासत
- परिवारवाद पर अखिलेश यादव का बयान, कहा- इसी वजह से नहीं टूटी सपा
- अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ बयान पर मायावती का पलटवार, बोलीं- पूरे जाट समाज से मांगें माफी
- अखिलेश यादव का बड़ा दावा: सहयोगियों के बिना BJP ‘शून्य’? 2027 से पहले यूपी की सियासत में तेज हुआ घमासान
- Lok Sabha में अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना, कहा- एक प्रधान को हटाकर, एक प्रधान को बचा लिया
- MP Politics में बड़ा दावा! Mohan Yadav पर लगे आरोपों के पीछे BJP की साजिश? Akhilesh Yadav ने खोले कई राजनीतिक राज
एसआईआर की प्रक्रिया एनआरसी जैसी
अखिलेश यादव ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया एसआईआर नहीं, बल्कि एनआरसी जैसी है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी थी कि किसी भी मतदाता का वोट न कटे, लेकिन भाजपा के दबाव में बड़े पैमाने पर वोट काटे गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को पहले से कैसे पता था कि चार करोड़ वोट कटने जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा गोपनीय बैठकें कर रही है और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर फर्जी वोट बनवाने की कोशिश हो रही है।



