मुरादाबाद के मुगलपुरा थाना क्षेत्र में एक 54 साल पुरानी इमारत का गिरना एक बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन शुक्र है कि इसे 30 घंटे पहले ही खाली करा लिया गया था।
इमारत का गिरना और प्रशासन की सतर्कता
शनिवार को मुरादाबाद में भारी बारिश के दौरान जामा मस्जिद चौराहे के पास स्थित दो मंजिला इमारत मात्र चार सेकंड में गिर गई। यह हादसा दोपहर 3:00 से 4:00 बजे के बीच हुआ।
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गौरतलब है कि प्रशासन ने नईम और अन्य पड़ोसियों की सूचना पर पहले ही सतर्कता बरतते हुए इमारत को खाली करा लिया था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
खाली कराने की प्रक्रिया
जैसे ही प्रशासन को इमारत में दरारें और झुकाव की सूचना मिली, सीओ कोतवाली कुलदीप गुप्ता और मुगलपुरा थाना प्रभारी के.के. राणा ने नगर निगम व तहसील सदर की टीम के साथ मिलकर सभी 8 निवासियों और 7 दुकानों को तुरंत खाली कराया।
इसके बाद इमारत को सील कर दिया गया और सुरक्षा के लिए सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी गई।
हादसे का संभावित असर
इस इमारत के गिरने से बिजली के खंभे और तार टूट गए, जिससे इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि, समय रहते इमारत खाली करवा लेने से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो बड़ी राहत की बात है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर इमारत के गिरने का वीडियो वायरल हो गया है, जिससे लोग दहशत में हैं।
भविष्य में उठाए जा सकने वाले कदम
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने शहर में अन्य जर्जर इमारतों के निरीक्षण की आवश्यकता को उजागर किया है।
नगर निगम को अब अन्य पुरानी और जर्जर इमारतों का निरीक्षण कर उन्हें समय पर खाली कराने की योजना बनानी चाहिए।
आम जनता पर प्रभाव
इस घटना से आम जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। लोग अब अपनी इमारतों की स्थिति को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं और प्रशासन से समय पर कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन को भी सुनिश्चित करना होगा कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों।
निष्कर्ष
मुरादाबाद की इस घटना ने प्रशासन और जनता दोनों को सतर्क कर दिया है। इस तरह के हादसों से बचने के लिए समय पर निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है। भविष्य में प्रशासन को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए और भी तैयार रहना होगा।



