भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम पर फिर बोले ट्रंप: “हमने न्यूक्लियर नेशन्स के बीच बड़ी लड़ाई रोकी”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम में अपनी भूमिका का दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन ने कुछ ही महीनों में कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रोकने में सफलता पाई, जिनमें भारत-पाकिस्तान भी शामिल हैं।
👉 यह भी पढ़ें:
- US-Iran Tension: ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का बड़ा ऐलान! ‘अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं’, युद्ध की तैयारी का दावा
- China Missile Test: न्यूक्लियर सबमरीन से चीन का बड़ा मिसाइल टेस्ट, अमेरिका-जापान अलर्ट, Asia-Pacific में बढ़ा तनाव!
- West Bengal Politics: Baruipur Murder Case पर गरमाई सियासत, TMC का आरोप- ‘Mamata Banerjee को घर से निकलने से रोका’
- Indus Water Treaty: सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख से पाकिस्तान में बढ़ी बेचैनी, पाक मंत्री की ‘हाथ काट देंगे’ वाली धमकी चर्चा में
- Iran-US Tension: ट्रंप की खुली धमकी के बाद ईरान का पलटवार, क्या Hormuz Strait और Lebanon Crisis से फिर भड़केगी Middle East War?
- Iran-US Deal पर बढ़ा तनाव! ट्रंप के सख्त रुख के बाद ईरान की खुली चेतावनी – क्या टूटने वाला है ऐतिहासिक समझौता?

ट्रंप का बयान
ट्रंप ने कहा कुछ ही महीनों में हम भारत-पाकिस्तान, इजराइल-ईरान, डीआरसी-रवांडा और अन्य के बीच शांति स्थापित करवाने में कामयाब रहे हैं।
भारत और पाकिस्तान के संदर्भ में उन्होंने कहा अगर आप इन दो देशों को देखें तो हमारे पास दो महान नेता हैं और वे इसे रोकने में सक्षम थे। वे एक बड़ी लड़ाई के बीच में थे और सभी ने देखा कि हालात बहुत खराब होने वाले थे।”
ट्रंप ने दोनों देशों को “पावरफुल न्यूक्लियर नेशन्स” बताते हुए कहा कि आने वाले समय में उनका प्रशासन सभी देशों के साथ मिलकर शांति स्थापित करने के प्रयास करता रहेगा।
भारत और पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
- भारत ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि संघर्ष विराम में अमेरिका या ट्रंप की कोई भूमिका नहीं रही है। भारत का रुख रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे द्विपक्षीय ढंग से हल करना चाहता है।
- पाकिस्तान ने इसके विपरीत, राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका का आभार व्यक्त किया है और संघर्ष विराम में उनकी भूमिका को सराहा है।
डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी एक बार फिर ऐसे समय में आई है जब वह अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी विदेश नीति की सफलताओं को रेखांकित कर रहे हैं। हालांकि, भारत की आधिकारिक स्थिति उनके दावे से मेल नहीं खाती, फिर भी पाकिस्तान उनके समर्थन को सकारात्मक रूप में देखता रहा है।



